क्या महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने डिजिटल ठगी के शिकार को 2 करोड़ रुपये लौटाए?

Click to start listening
क्या महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने डिजिटल ठगी के शिकार को 2 करोड़ रुपये लौटाए?

सारांश

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने एक डिजिटल ठगी के मामले में पीड़ित को 2 करोड़ रुपये लौटाए हैं। यह मामला भारत के सबसे बड़े साइबर ठगी में से एक है, जिसमें एक व्यक्ति से 58.13 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। जानिए इस मामले की पूरी कहानी और कैसे साइबर पुलिस ने पीड़ित को राहत दी।

Key Takeaways

  • महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने पीड़ित को २ करोड़ रुपये लौटाए।
  • यह एक बड़े डिजिटल ठगी का मामला है।
  • साइबर अपराधियों को पकड़ने की कोशिश जारी है।
  • पीड़ित को आर्थिक और भावनात्मक राहत मिली।
  • साइबर पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुंबई, १७ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने एक बड़े डिजिटल ठगी मामले में पीड़ित को राहत पहुंचाते हुए पहली किस्त के रूप में २ करोड़ रुपये का सफलतापूर्वक रिफंड किया है। यह भारत के सबसे बड़े ऐसे मामलों में से एक है, जिसमें एक व्यक्ति से कुल ५८.१३ करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।

महाराष्ट्र साइबर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के कार्यालय ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा ६६(सी)६६(डी) के तहत मामला दर्ज किया था। जांच में पता चला कि धोखेबाजों ने फर्जी पुलिस और सीबीआई अधिकारियों का रूप धारण करके पीड़ित को डराने-धमकाने का प्रयास किया और बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए।

लगातार जांच, बैंक खातों की ट्रैकिंग और अदालत के समय पर आदेशों के कारण महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने पीड़ित को यह बड़ी राहत दिलाई। अदालत के निर्देश पर फ्रीज किए गए खातों से २ करोड़ रुपये निकालकर पीड़ित के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। यह कदम महाराष्ट्र साइबर की तेज वित्तीय ट्रैकिंग और बैंकों एवं न्यायालयों के साथ अच्छे तालमेल का परिणाम है। पीड़ित को न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि भावनात्मक रूप से भी काफी राहत पहुंची। विभाग का कहना है कि यह सफलता साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई राशि को जल्दी बरामद करने और सही व्यक्ति को लौटाने की उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इसके अतिरिक्त, जांच में कई अन्य संपत्तियों की पहचान हुई है, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है। इन संपत्तियों को भी आगे अदालत के आदेश से पीड़ित को लौटाया जा सकेगा। मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है। फरार आरोपी देवेंद्र सैनी को इस नेटवर्क का प्रमुख ऑपरेशनल हैंडलर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र साइबर ने ३ लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। कोई भी विश्वसनीय जानकारी देने वाले को यह इनाम मिलेगा।

महाराष्ट्र साइबर ने कहा कि वे लगातार दबाव बनाकर, राज्यों के बीच समन्वय और जनता की मदद से सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेंगे। विभाग का फोकस साइबर अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय और मुआवजा दिलाना है।

Point of View

बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे प्रशासनिक तंत्र प्रभावी ढंग से काम कर सकता है। महाराष्ट्र साइबर पुलिस की यह सफलता दर्शाती है कि जब तक हम सभी मिलकर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहेंगे, तब तक हम इन अपराधियों को रोक सकते हैं।
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कितने पैसे लौटाए हैं?
महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने पीड़ित को पहली किस्त के रूप में २ करोड़ रुपये लौटाए हैं।
यह ठगी का मामला कितना बड़ा है?
यह मामला भारत के सबसे बड़े साइबर ठगी मामलों में से एक है, जिसमें एक व्यक्ति से कुल ५८.१३ करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।
क्या साइबर पुलिस ने अन्य संपत्तियों की पहचान की है?
हाँ, जांच में कई अन्य संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है।
देवेंद्र सैनी का क्या रोल है?
देवेंद्र सैनी इस नेटवर्क का प्रमुख ऑपरेशनल हैंडलर बताया जा रहा है और उसकी गिरफ्तारी के लिए ३ लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
साइबर पुलिस का अगला कदम क्या होगा?
साइबर पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाएगी और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का प्रयास करेगी।
Nation Press