महाराष्ट्र: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने 103 पुलिस अधिकारियों-कर्मियों को पुलिस पदक से नवाज़ा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने 9 अक्टूबर 2026 को मुंबई स्थित लोक भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में कुल 103 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए। ये पदक भारत के राष्ट्रपति द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2022 एवं 2023 तथा गणतंत्र दिवस 2023 एवं 2024 के अवसर पर घोषित किए गए थे।
पदकों का विवरण
समारोह में विभिन्न श्रेणियों में पदक वितरित किए गए। राष्ट्रपति वीरता पदक — 2, वीरता पदक — 18, राष्ट्रपति पुलिस पदक विशिष्ट सेवा — 3, राष्ट्रपति पदक विशिष्ट सेवा — 4, पुलिस पदक — 40 और सराहनीय सेवा पदक — 36 प्रदान किए गए। गौरतलब है कि यह संचित वितरण पाँच अवसरों पर घोषित पदकों का एकत्रित समारोह था।
सम्मानित प्रमुख अधिकारी
पदक पाने वालों में मीरा-भायंदर, वसई-विरार के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, पिंपरी-चिंचवड़ के पुलिस आयुक्त विनय कुमार चौबे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) प्रवीण सालुंखे, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) मधुकर पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक (वीआईपी सुरक्षा) प्रवीण कुमार पडवल और पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण एवं विशेष इकाइयाँ) निशीथ मिश्रा शामिल रहे। ये नाम राज्य की पुलिस व्यवस्था के विभिन्न महत्वपूर्ण स्तंभों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
समारोह में उपस्थित गणमान्य
अलंकरण समारोह में गृह राज्य मंत्री (ग्रामीण) डॉ. पंकज भोयर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनीषा म्हैसकर, पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस) नवल बजाज सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सम्मानित कर्मियों के परिवारजन उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ और समापन राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान तथा महाराष्ट्र राज्य गीत के साथ हुआ।
राज्यपाल की सराहना
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने इस अवसर पर पुलिस बल के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सेवाएँ राज्य में कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उल्लेखनीय है कि वर्मा ने 10 मार्च 2026 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी; इससे पूर्व उन्हें 31 जुलाई 2024 को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। यह समारोह महाराष्ट्र पुलिस के उन कर्मियों के दीर्घकालिक समर्पण को संस्थागत मान्यता देने का अवसर था, जिनके पदक वर्षों से प्रतीक्षित थे।