रक्षा अलंकरण समारोह 2026: राष्ट्रपति मुर्मु ने 105 सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन भी रहे मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 29 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-2026 (द्वितीय चरण) में सशस्त्र सेनाओं और भारतीय तटरक्षक बल के 105 अधिकारियों एवं कर्मियों को विशिष्ट सेवा अलंकरण प्रदान किए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन भी समारोह में उपस्थित रहे। समारोह की तस्वीरें उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा की गईं।
प्रदान किए गए सम्मान
इस समारोह में कुल 105 अलंकरण प्रदान किए गए, जिनमें 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, 30 परम विशिष्ट सेवा पदक, 12 उत्तम युद्ध सेवा पदक और 56 अति विशिष्ट सेवा पदक शामिल हैं। ये सम्मान उन सैन्य कर्मियों को दिए गए जिन्होंने शांतिकाल और ऑपरेशनल परिस्थितियों दोनों में असाधारण नेतृत्व, व्यावसायिक उत्कृष्टता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का प्रदर्शन किया।
सम्मानित प्रमुख अधिकारी
थल सेना के सम्मानित अधिकारियों में एयर मार्शल तरुण चौधरी, लेफ्टिनेंट जनरल नीरज वर्ष्णेय, लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला, लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वंड्रा, लेफ्टिनेंट जनरल मोहिंदर पाल सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल रणजीत सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क, लेफ्टिनेंट जनरल आदित्य विक्रम सिंह राठी, लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल पुनीत आहूजा प्रमुख रहे।
नौसेना की ओर से वाइस एडमिरल आनंद वाई. सरदेसाई, वाइस एडमिरल रजत कपूर, वाइस एडमिरल श्रीनिवास कुदारावल्ली, वाइस एडमिरल सुशील मेनन और वाइस एडमिरल अनिल जग्गी को अति विशिष्ट सेवा पदक से नवाजा गया। वायु सेना से एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल, एयर मार्शल के.ए.ए. संजीब और एयर मार्शल एस. श्रीनिवास राव को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ।
भारतीय तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक डॉनी माइकल को भी अति विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया।
जूनियर कमीशंड अधिकारी का विशेष सम्मान
समारोह की एक उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि 9 असम रेजिमेंट के सूबेदार एच. होकाटो सेमा को अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। किसी जूनियर कमीशंड अधिकारी को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलना उनकी असाधारण और प्रेरणादायी सेवा का प्रमाण माना जा रहा है, और यह संकेत देता है कि सशस्त्र बल अब वरिष्ठ पदों तक सीमित न रहकर हर स्तर पर उत्कृष्टता को पहचान दे रहे हैं।
उत्तम युद्ध सेवा पदक विजेता
उत्तम युद्ध सेवा पदक पाने वालों में दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, एयर मार्शल मनीष खन्ना, 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव, 9 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजन शरावत, 3 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर, 4 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह और 16 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रसन्न किशोर मिश्रा शामिल रहे। इन सभी अधिकारियों ने ऑपरेशनल तैयारी और रणनीतिक नेतृत्व में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
समारोह का महत्व
यह समारोह रक्षा अलंकरण श्रृंखला का द्वितीय चरण था, जो प्रत्येक वर्ष सशस्त्र बलों की सेवा और बलिदान को राष्ट्रीय मान्यता देने की परंपरा का हिस्सा है। गौरतलब है कि थल सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल — चारों अंगों के अधिकारियों को एक साथ सम्मानित करना भारत की समेकित रक्षा संस्कृति को दर्शाता है। आगामी चरणों में और अधिकारियों को सम्मानित किए जाने की संभावना है।