क्या ऑपरेशन सिंदूर सहित विभिन्न अभियानों से जुड़े सैन्यकर्मियों को मिला सम्मान और सैन्य अलंकरण?

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क्या ऑपरेशन सिंदूर सहित विभिन्न अभियानों से जुड़े सैन्यकर्मियों को मिला सम्मान और सैन्य अलंकरण?

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस पर सशस्त्र बलों के 98 कर्मियों को ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ प्रदान करने की स्वीकृति दी। इसमें मरणोपरांत सम्मान भी शामिल हैं। इस लेख में जानिए कौन-कौन से वीर सैनिकों को यह सम्मान मिला है और उनके योगदान के बारे में।

Key Takeaways

  • राष्ट्रपति ने 98 कर्मियों को ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ सम्मान दिया।
  • सशस्त्र बलों के विभिन्न अभियानों में अदम्य साहस का प्रदर्शन।
  • ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल को सम्मानित किया गया।
  • बीआरडीबी के कर्मियों को भी मरणोपरांत सम्मान मिला।
  • सैन्य अलंकरणों में कई प्रकार के मेडल शामिल हैं।

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश की सेवा में उत्कृष्ट, साहसिक और अनुकरणीय योगदान के लिए सशस्त्र बलों एवं बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड (बीआरडीबी) के कुल 98 कर्मियों को ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ प्रदान करने की स्वीकृति दी है।

इनमें से पांच सम्मान मरणोपरांत दिए गए हैं। इस सूची में भारतीय सेना के 81 कर्मी, भारतीय नौसेना के 15 कर्मी, और बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के दो कर्मी (दोनों मरणोपरांत) शामिल हैं।

गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के लिए कर्नल अमित कुमार यादव और कर्नल विनय कुमार पांडेय को सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति ने इसके अलावा 301 सैन्य अलंकरणों को भी मंजूरी दी है। सशस्त्र बलों और अन्य कर्मियों को 301 सैन्य अलंकरण देने की भी स्वीकृति दी गई है। इनमें 30 परम विशिष्ट सेवा मेडल, 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 56 अति विशिष्ट सेवा मेडल, 9 युद्ध सेवा मेडल, 2 बार टू सेना मेडल, 43 सेना मेडल, 8 नौसेना मेडल, 14 वायु सेना मेडल और 135 विशिष्ट सेवा मेडल शामिल हैं।

भारतीय सेना के कर्मियों को विभिन्न ऑपरेशनों और विशेष कार्यों में अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता, पेशेवर दक्षता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए सम्मानित किया गया है। मरणोपरांत सम्मानित किए जाने वाले वीरों में हवलदार याकूब मसीह, नायक नवीन पौडेल, अग्निवीर अजीत सिंह राजपूत, बॉर्डर रोड्स डेवलपमेंट बोर्ड के सीपी स्किल्ड गणेश सिंह और सीपी मेट ढुन्ना टुडू शामिल हैं।

मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ सम्मान प्राप्त करने वाले सेना कर्मियों में से 2 सैन्य कर्मी ऑपरेशन सिंदूर से, 17 कर्मी ऑपरेशन रक्षक, 11 कर्मी ऑपरेशन स्नो लेपर्ड, 11 कर्मी ऑपरेशन हिफाजज, 5 कर्मी ऑपरेशन ऑर्किड, 2 कर्मी ऑपरेशन मेघदूत, 1 कर्मी ऑपरेशन राइनो, 3 रेस्क्यू ऑपरेशन, 4 ऑपरेशन कैजुअल्टी एवैकुएशन, 1 ऑपरेशन सॉफेन, और 24 विविध ऑपरेशनों (3 मरणोपरांत) से हैं।

इन विभिन्न अभियानों में आतंकवाद-रोधी कार्रवाई, सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा संचालन, उच्च ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में तैनाती, विशेष बलों के ऑपरेशन, आपदा राहत, चिकित्सा एवं हवाई निकासी जैसे चुनौतीपूर्ण कार्य शामिल रहे।

भारतीय नौसेना के 15 अधिकारियों एवं नाविकों को समुद्री सुरक्षा, परिचालन तत्परता, तकनीकी दक्षता तथा राष्ट्रहित में किए गए विशिष्ट योगदान के लिए ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ से सम्मानित किया गया है। बीआरडीबी के दो कर्मियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया गया है। इन कर्मियों ने दुर्गम और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में राष्ट्र के सामरिक बुनियादी ढांचे के निर्माण एवं रखरखाव में सर्वोच्च बलिदान दिया।

मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ उन कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस, निष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया हो। यह सम्मान देश की सुरक्षा, अखंडता और नागरिकों की रक्षा में सशस्त्र बलों के निरंतर समर्पण का प्रतीक है।

Point of View

NationPress
08/02/2026

Frequently Asked Questions

मेंशन-इन-डिस्पैचेस क्या होता है?
मेंशन-इन-डिस्पैचेस एक सम्मान है जो उन कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए असाधारण साहस, निष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया।
कितने कर्मियों को इस बार यह सम्मान मिला है?
इस बार कुल 98 कर्मियों को यह सम्मान मिला है, जिनमें से 5 मरणोपरांत हैं।
ऑपरेशन सिंदूर का क्या महत्व है?
ऑपरेशन सिंदूर एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान है जिसमें भारतीय सेना ने अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया।
सैन्य अलंकरण क्या होते हैं?
सैन्य अलंकरण वे पुरस्कार हैं जो सैनिकों को उनके उत्कृष्ट सेवा और साहस के लिए दिए जाते हैं।
क्या मरणोपरांत सम्मान केवल सैनिकों को ही दिया जाता है?
हां, मरणोपरांत सम्मान उन वीरों को दिया जाता है जो देश की रक्षा करते हुए शहीद हो जाते हैं।
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