राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रक्षा अलंकरण समारोह में वीर चक्र व शौर्य चक्र से नवाज़े देश के जांबाज़
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार, 8 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-I में सशस्त्र बलों और पुलिस के उन जांबाज़ों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया, जिन्होंने ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और बलिदान का परिचय दिया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के गायन के साथ हुई, जो इस अवसर की गरिमा को और गहरा कर गई।
समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद
इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित रहे। समारोह में सशस्त्र बलों के कर्मियों को वीरता तथा विशिष्ट सेवा पुरस्कार प्रदान किए गए। यह आयोजन भारत की रक्षा परंपरा में उन नायकों को राष्ट्रीय मान्यता देने का अवसर है जो अक्सर सुर्खियों से दूर रहते हैं।
वीर चक्र विजेता
फ्लाइट लेफ्टिनेंट (वर्तमान स्क्वाड्रन लीडर) आर्शवीर सिंह ठाकुर को ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान असाधारण वीरता, साहस और विशिष्ट सेवा के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
नायब सूबेदार सतीश कुमार को असाधारण वीरता, अटूट साहस और कर्तव्य-पालन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए वीर चक्र प्रदान किया गया।
लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट, विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) जॉय चंद्रा, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा और ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू को असाधारण वीरता, साहस और विशिष्ट सेवा के लिए वीर चक्र से नवाज़ा गया।
शौर्य चक्र विजेता
लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के. और रूपा ए. को 'सागर परिक्रमा II' अभियान के दौरान असाधारण साहस, समुद्री कौशल और सहनशक्ति के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
मेजर आदित्य प्रताप सिंह को अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में एक सैन्य अभियान के दौरान असाधारण वीरता दिखाने के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया।
छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को छत्तीसगढ़ में नक्सल-विरोधी ऑपरेशन के दौरान असाधारण बहादुरी के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। यह उल्लेखनीय है कि इस बार पुलिस बल के जवानों को भी रक्षा अलंकरण समारोह में सम्मानित किया गया।
भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट की 19वीं बटालियन के लेफ्टिनेंट कर्नल नितेश भारती शुक्ला को एलओसी पर असाधारण बहादुरी और वीरता दिखाते हुए तीन आतंकवादियों को मार गिराने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
राइफलमैन ध्रुबा ज्योति दत्ता और नायक राहुल सिंह को असाधारण बहादुरी, साहस और कर्तव्य-निष्ठा के लिए शौर्य चक्र से नवाज़ा गया।
मेजर शिवंत यादव और लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भरत शुक्ला को असाधारण साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और देश के लिए विशिष्ट सेवा के सम्मान में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।
समारोह का महत्व
रक्षा अलंकरण समारोह भारत की उस परंपरा का हिस्सा है जो सेना, नौसेना, वायुसेना और अर्धसैनिक बलों के उन जवानों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान देती है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि इस बार के समारोह में थलसेना, नौसेना, वायुसेना और राज्य पुलिस — सभी का प्रतिनिधित्व रहा, जो बहु-आयामी सुरक्षा चुनौतियों के बीच देश की एकीकृत रक्षा क्षमता को दर्शाता है।
आने वाले समय में रक्षा मंत्रालय द्वारा इन सभी पुरस्कार विजेताओं की विस्तृत वीरता गाथाएँ सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है, जिससे आम नागरिक भी इन नायकों के योगदान से परिचित हो सकें।