28 अगस्त 2026
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रक्षाबंधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश: 'प्राचीन काल से संस्कृति का अंग है यह पावन परंपरा'

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रक्षाबंधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश: 'प्राचीन काल से संस्कृति का अंग है यह पावन परंपरा'

सारांश

रक्षाबंधन 2026 पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस पर्व को प्राचीन उपासना परंपरा से जोड़ते हुए समाज और देश की रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर देश-विदेश के सभी भारतीयों को शुभकामनाएं देते हुए विशेष संदेश जारी किया।
राष्ट्रपति ने रक्षाबंधन को प्राचीन काल से भारतीय उपासना और संस्कृति का अंग बताया और 'रक्षै, मा चल, मा चल' मंत्र का उल्लेख किया।
उन्होंने नागरिकों से समाज और देश की रक्षा का संकल्प लेने और विकसित भारत निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन , BJP अध्यक्ष नितिन नवीन , केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर शुभकामनाएं साझा कीं।
इस पर्व को भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ सामाजिक एकता और परस्पर उत्तरदायित्व के प्रतीक के रूप में रेखांकित किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर देश-विदेश में बसे समस्त भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए एक विशेष संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने रक्षाबंधन की परंपरा को प्राचीन काल से चली आ रही भारतीय उपासना और संस्कृति का अभिन्न अंग बताया।

राष्ट्रपति का संदेश: परंपरा की जड़ें

राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संदेश में कहा कि श्रद्धापूर्वक हाथ पर बाँधा गया धागा रक्षा हेतु पवित्र सूत्र-बंधन माना गया है। उन्होंने प्राचीन श्लोकों और मंत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि 'रक्षै, मा चल, मा चल' — अर्थात 'हे रक्षा रूपी बंधन, तुम सदैव अचल रहो' — यह भावना इस पर्व की आत्मा है।

उन्होंने कहा कि समय के साथ रक्षाबंधन, बहन की रक्षा के लिए भाई के हाथ पर राखी बाँधने के भावपूर्ण सामाजिक पर्व के रूप में लोकप्रिय हुआ। यह पर्व भाई-बहनों, मित्रों तथा परिवार और समाज के विभिन्न सदस्यों के बीच आत्मीयता, सम्मान और परस्पर उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करता है।

सामाजिक संकल्प का आह्वान

राष्ट्रपति ने अपने संदेश के अंत में नागरिकों से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर समाज और देश की रक्षा का संकल्प लें। उन्होंने कहा, 'जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग पर आधारित होती है।' साथ ही उन्होंने विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।

उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्रियों की शुभकामनाएं

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह पर्व प्यार, स्नेह और आपसी जुड़ाव के बंधन को मजबूत करे और दया, सद्भाव एवं आपसी सम्मान के मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा दे।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस पर्व को भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और रक्षा के संकल्प का प्रतीक बताया और कहा कि यह अवसर सांस्कृतिक मूल्यों और पारिवारिक बंधनों को और सुदृढ़ करता है।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा कि यह पवित्र बंधन जीवन में प्रेम, खुशियों और आपसी विश्वास को सदैव बनाए रखे। संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी एक्स पर शुभकामनाएं देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि यह पावन पर्व भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और समर्पण को और मजबूत करे।

आम जनता पर असर

राष्ट्रपति के संदेश ने रक्षाबंधन को केवल पारिवारिक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रतीक के रूप में स्थापित किया। यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों पर जोर दे रहा है।

गौरतलब है कि रक्षाबंधन भारत के विभिन्न राज्यों और समुदायों में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है, परंतु भाई-बहन के प्रेम और रक्षा की भावना इसे एकसूत्र में पिरोती है। राष्ट्रपति का यह संदेश इस सांस्कृतिक विविधता में एकता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो व्यापक सामाजिक सेतु का प्रयास है। वहीं, एकाधिक केंद्रीय मंत्रियों और BJP अध्यक्ष का एक साथ एक्स पर सक्रिय होना यह भी दर्शाता है कि सांस्कृतिक पर्वों को डिजिटल जन-संपर्क के माध्यम के रूप में व्यवस्थित रूप से उपयोग किया जा रहा है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रक्षाबंधन पर क्या संदेश दिया?
राष्ट्रपति मुर्मु ने 28 अगस्त 2026 को जारी संदेश में रक्षाबंधन को प्राचीन काल से भारतीय उपासना और संस्कृति का अंग बताया। उन्होंने नागरिकों से समाज और देश की रक्षा का संकल्प लेने और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
रक्षाबंधन की प्राचीन परंपरा क्या है?
राष्ट्रपति के संदेश के अनुसार, रक्षाबंधन की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है जिसमें श्रद्धापूर्वक हाथ पर बाँधा गया धागा रक्षा हेतु पवित्र सूत्र-बंधन माना जाता है। अनेक श्लोकों और मंत्रों में 'रक्षै, मा चल, मा चल' — अर्थात 'हे रक्षा रूपी बंधन, तुम सदैव अचल रहो' — का उल्लेख मिलता है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रक्षाबंधन पर क्या कहा?
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा कि यह पर्व प्यार, स्नेह और आपसी जुड़ाव के बंधन को मजबूत करे और दया, सद्भाव एवं आपसी सम्मान के मूल्यों को बनाए रखने की प्रेरणा दे। उन्होंने सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
रक्षाबंधन 2026 पर किन केंद्रीय मंत्रियों ने शुभकामनाएं दीं?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और संचार व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक्स पर शुभकामनाएं दीं। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी एक्स पोस्ट में इस पर्व को सांस्कृतिक मूल्यों और पारिवारिक बंधनों को सुदृढ़ करने वाला बताया।
रक्षाबंधन का सामाजिक महत्व क्या है?
राष्ट्रपति मुर्मु के अनुसार, यह पर्व भाई-बहनों, मित्रों तथा परिवार और समाज के विभिन्न सदस्यों के बीच आत्मीयता, सम्मान और परस्पर उत्तरदायित्व के भाव को सुदृढ़ करता है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन के हर रिश्ते की नींव विश्वास, संवेदनशीलता और परस्पर सहयोग पर टिकी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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