राष्ट्रपति मुर्मु ने 15 नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राष्ट्रपति मुर्मु ने 15 नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर राष्ट्रपति भवन में 15 नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 से नवाज़ा। विजेताओं में लेह से लेकर भारतीय सेना तक के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिन्हें ₹1 लाख नकद, पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में 15 नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 प्रदान किए।
समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी उपस्थित रहे।
प्रत्येक पुरस्कार में ₹1 लाख नकद राशि, योग्यता प्रमाण पत्र और पदक शामिल हैं।
विजेताओं में लेह, महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम, उत्तराखंड, केरल, लक्षद्वीप सहित देश के विभिन्न राज्यों और भारतीय सेना के प्रतिनिधि शामिल हैं।
इस वर्ष की थीम 'हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं' है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में देश भर के 15 नर्सिंग कर्मियों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 से नवाज़ा। इस समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी उपस्थित रहे। यह पुरस्कार स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्र की ओर से दी जाने वाली सर्वोच्च मान्यता है।

राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इन स्वास्थ्य योद्धाओं के समर्पण और निस्वार्थ सेवा की सराहना की।

पुरस्कार विजेताओं की सूची

इस वर्ष के पुरस्कार विजेताओं में लेह से कुलविंदर परही, महाराष्ट्र से उज्वला महादेव सोयम, मिजोरम से लालेंथांगी हनामते, सिक्किम से मधु माला गुरुंग, उत्तराखंड से पूजा परमार राणा, पश्चिम बंगाल से गीता कर्मकार, चंडीगढ़ से पूनम वर्मा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव से दीपा बीजू, दिल्ली से श्रवण कुमार ढाका, गोवा से रक्षा रूपो परवतकर, कर्नाटक से कबिता जगन्नाथ, केरल से मंजुमोल वीएस, लक्षद्वीप से आयशा बीबू के, तमिलनाडु से डॉ. आर. शंकर षणमुगम और भारतीय सेना से मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी शामिल हैं। यह विजेता देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सशस्त्र बलों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पुरस्कार का स्वरूप और पात्रता

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार उन पंजीकृत नर्सों, मिडवाइव्स, एएनएम और लेडी हेल्थ विजिटर्स को प्रदान किया जाता है जो केंद्र व राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वैच्छिक संगठनों में उत्कृष्ट सेवाएँ दे रही हैं। प्रत्येक पुरस्कार में एक योग्यता प्रमाण पत्र, ₹1 लाख की नकद राशि और एक पदक शामिल होता है। यह पदक इन स्वास्थ्य योद्धाओं की अमूल्य सेवाओं के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है।

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का महत्व

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस प्रतिवर्ष 12 मई को आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर के अस्पतालों, क्लीनिकों, आपातकालीन विभागों और सामुदायिक स्वास्थ्य प्रणालियों में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि नाइटिंगेल के योगदान ने विश्व भर में आधुनिक नर्सिंग पद्धतियों की नींव रखी थी।

इस वर्ष की थीम

वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की थीम 'हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं' रखी गई है। यह थीम नर्सों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, बेहतर अवसरों और मज़बूत संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर बल देती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नर्सिंग कार्यबल को सशक्त बनाना स्वास्थ्य देखभाल परिणामों को बेहतर बनाने की दिशा में सबसे प्रभावी कदमों में से एक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नर्सिंग कार्यबल की पुरानी कमी, कम वेतन और असुरक्षित कार्यस्थितियों जैसी संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं। इस वर्ष की थीम 'सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं' सरकार के लिए एक अवसर है कि वह प्रतीकात्मक सम्मान से आगे बढ़कर ठोस नीतिगत बदलाव करे। असली सवाल यह है कि पुरस्कार समारोह की चमक के बाद, क्या नर्सिंग पेशे की दशा सुधारने के लिए बजटीय प्रतिबद्धता भी उतनी ही मज़बूत होगी?
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2026 किसे मिला?
वर्ष 2026 में यह पुरस्कार देश भर के 15 नर्सिंग कर्मियों को दिया गया, जिनमें लेह से कुलविंदर परही, महाराष्ट्र से उज्वला महादेव सोयम, भारतीय सेना से मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी और अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार में क्या मिलता है?
प्रत्येक पुरस्कार विजेता को ₹1 लाख की नकद राशि, एक योग्यता प्रमाण पत्र और एक पदक प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्र की सर्वोच्च मान्यता है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस प्रतिवर्ष 12 मई को आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। यह दिन विश्व भर में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करने के लिए समर्पित है।
राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार के लिए कौन पात्र है?
यह पुरस्कार केंद्र व राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वैच्छिक संगठनों में कार्यरत पंजीकृत नर्सों, मिडवाइव्स, एएनएम और लेडी हेल्थ विजिटर्स को दिया जाता है जो उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान कर रही हैं।
2026 के अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की थीम क्या है?
इस वर्ष की थीम 'हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं' है। यह थीम नर्सों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल, बेहतर अवसरों और मज़बूत संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर बल देती है।
राष्ट्र प्रेस