राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का पश्चिम बंगाल दौरा: दार्जिलिंग हिल फेस्टिवल का शुभारंभ
सारांश
Key Takeaways
- दार्जिलिंग हिल फेस्टिवल का उद्घाटन 6 मार्च को होगा।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु महिला सशक्तिकरण पर कार्यक्रम में भाग लेंगी।
- चेंज ऑफ गार्ड समारोह का समय बदला गया है।
- प्रति व्यक्ति पंजीकरण शुल्क 50 रुपए है।
- यह समारोह एक पुरानी सैन्य परंपरा को दर्शाता है।
नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 6-7 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति 6 मार्च को ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर दार्जिलिंग में ‘दार्जिलिंग हिल फेस्टिवल’ का उद्घाटन करेंगी और लोक भवन में 'रूट्स एंड रिदम्स' नामक एक प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस दौरान राष्ट्रपति आईआईटी खड़गपुर में आयोजित महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण पर प्लेटिनम जुबली फ्लैगशिप कार्यक्रम का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन भी करेंगी।
7 मार्च को राष्ट्रपति दार्जिलिंग में अंतर्राष्ट्रीय संथाल परिषद द्वारा आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेंगी।
इसके अलावा, राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में हर शनिवार आयोजित होने वाला चेंज ऑफ गार्ड समारोह 7 मार्च से नए समय पर होगा। राष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि यह समारोह अब सुबह 8 बजे से 9 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा।
इस समारोह को देखने के लिए 22 फरवरी 2025 से प्रति व्यक्ति 50 रुपए का पंजीकरण शुल्क लागू किया गया है। यह शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा और इसे न तो वापस किया जाएगा और न ही किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित किया जा सकेगा, जैसा कि आधिकारिक वेबसाइट पर कहा गया है।
चेंज ऑफ गार्ड समारोह एक पुरानी सैन्य परंपरा है। लंबे समय से महलों, किलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों में गार्ड तथा संतरी समय-समय पर बदले जाते रहे हैं, ताकि नई टुकड़ी ड्यूटी संभाल सके।
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए सेरेमोनियल आर्मी गार्ड बटालियन औपचारिक गार्ड और संतरी की जिम्मेदारी निभाती है।
प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड (पीबीजी), जिसकी स्थापना 1773 में हुई थी, भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजिमेंट है। यह रेजिमेंट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के लिए औपचारिक सैन्य कर्तव्यों का निर्वहन करती है।
पीबीजी के सैनिक उत्कृष्ट घुड़सवार होते हैं और वे टैंक संचालन तथा पैराट्रूपर के रूप में भी प्रशिक्षित होते हैं।