राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का 5 दिवसीय शिमला दौरा: राजभवन में स्वागत भोज, अटल टनल और दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 27 अप्रैल से 1 मई 2025 तक हिमाचल प्रदेश के पाँच दिवसीय ग्रीष्मकालीन दौरे पर हैं। अधिकारियों के अनुसार, 28 अप्रैल को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल लोक भवन में उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत भोज का आयोजन करेंगे। यह दौरा राष्ट्रपति के शिमला स्थित मशोबरा राष्ट्रपति निवास से संचालित होगा, जहाँ वह अपने पूरे प्रवास के दौरान ठहरी हुई हैं।
दौरे का पूरा कार्यक्रम
राष्ट्रपति मुर्मु सोमवार, 27 अप्रैल को शिमला के मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास पहुँचीं। 28 अप्रैल को राज्यपाल शुक्ल द्वारा आयोजित स्वागत भोज के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। 29 अप्रैल को राष्ट्रपति ऐतिहासिक अटल टनल का दौरा करेंगी।
30 अप्रैल को वह पालमपुर स्थित चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इसके बाद उसी दिन मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास में 'एट होम' स्वागत समारोह भी आयोजित किया जाएगा। 1 मई को शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का दौरा करने के बाद राष्ट्रपति नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
मशोबरा राष्ट्रपति निवास का ऐतिहासिक महत्त्व
मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास लगभग 174 वर्ष पुराना है। यह भवन यूरोपीय स्थापत्य शैली में वर्ष 1850 में कोटी रियासत के राजा द्वारा बनवाया गया था। पहले इसे 'रिट्रीट बिल्डिंग' के नाम से जाना जाता था। गौरतलब है कि यह देश के चार राष्ट्रपति आवासों में से एक है।
अन्य तीन राष्ट्रपति आवासों में देहरादून का राष्ट्रपति आशियाना, तेलंगाना का राष्ट्रपति निलयम और नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन शामिल हैं।
आम जनता के लिए भी खुला है राष्ट्रपति निवास
राष्ट्रपति निवास, मशोबरा को अप्रैल 2023 में आम जनता के लिए खोला गया था। पर्यटकों की सुविधा के लिए यहाँ मुफ्त बस सेवा भी उपलब्ध कराई गई है। यह सेवा शिमला के मॉल रोड स्थित लिफ्ट पार्किंग से शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होती है।
दौरे का व्यापक महत्त्व
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में ग्रीष्मकाल के साथ पर्यटन सत्र भी चरम पर होता है। राष्ट्रपति का आर्मी ट्रेनिंग कमांड और कृषि विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह दोनों में भागीदारी इस दौरे को सामरिक और शैक्षणिक — दोनों आयामों से महत्त्वपूर्ण बनाती है। अटल टनल के दौरे से क्षेत्र के रणनीतिक बुनियादी ढाँचे पर भी ध्यान केंद्रित होगा।