क्या राष्ट्रपति मुर्मु ने आदिवासियों, झांकी कलाकारों और एनसीसी कैडेटों से मुलाकात की?

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क्या राष्ट्रपति मुर्मु ने आदिवासियों, झांकी कलाकारों और एनसीसी कैडेटों से मुलाकात की?

सारांश

गणतंत्र दिवस परेड के बाद, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में विशेष अतिथियों से संवाद किया। विभिन्न राज्यों से आए छात्रों और आदिवासी प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। यह समारोह राष्ट्रीय पर्व की समावेशिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मुर्मु ने विशेष अतिथियों से मुलाकात की।
समारोह में आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम ने समावेशिता को बढ़ावा दिया।
इस वर्ष के 'एट होम' का विशेष महत्व था।
अतिथियों ने सांस्कृतिक विरासत को साझा किया।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस परेड के एक दिन बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में विशेष अतिथियों से बातचीत की।

इन अतिथियों में देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्र, आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि, झांकी कलाकार, ट्रैक्टर चालक, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवक और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट शामिल थे।

राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा सोशल मीडिया पर जारी बयान के अनुसार, लेह, झारखंड और जम्मू-कश्मीर से आए छात्रों के समूहों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और अपने अनुभव साझा किए।

राष्ट्रपति सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि दिनभर चले इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड 2026 से जुड़े आदिवासी अतिथियों, विभिन्न राज्यों की झांकियों में शामिल कलाकारों और ट्रैक्टर चालकों के साथ-साथ एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों, अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों से भी मुलाकात की। राष्ट्रपति ने सभी प्रतिभागियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सहभागिता ने राष्ट्रीय पर्व को भव्य एवं समावेशी बनाया।

इससे पहले सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक ‘एट होम’ स्वागत समारोह की मेजबानी की। इस समारोह में गणतंत्र दिवस के औपचारिक कार्यक्रमों के समापन के उपलक्ष्य में अनेक विशिष्ट अतिथि एकत्रित हुए।

समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित कई प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

'एट होम' कार्यक्रम 26 जनवरी 1950 को भारत के संविधान को अपनाने की स्मृति में हर वर्ष आयोजित की जाने वाली एक परंपरा है। इस वर्ष के समारोह का विशेष महत्व इस कारण भी रहा क्योंकि इसमें दो यूरोपीय नेता शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच लगातार मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया।

इस वर्ष के ‘एट होम’ स्वागत समारोह के निमंत्रण पत्र भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। निमंत्रण पत्रों में भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता से प्रेरित कलात्मक तत्वों को प्रमुखता से शामिल किया गया।

राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक परिसर में एकत्रित अतिथियों ने एक-दूसरे को बधाई दी और दिनभर के कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों से यह स्पष्ट होता है कि भारत की विविधता ही उसकी ताकत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मुर्मु ने किसे बुलाया था?
राष्ट्रपति मुर्मु ने आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधियों, झांकी कलाकारों और एनसीसी कैडेटों को बुलाया था।
क्या यह समारोह गणतंत्र दिवस के बाद हुआ?
हाँ, यह समारोह गणतंत्र दिवस परेड के एक दिन बाद आयोजित किया गया।
इस समारोह में कौन-कौन शामिल थे?
समारोह में प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, और यूरोपीय संघ के नेता शामिल थे।
इस वर्ष 'एट होम' कार्यक्रम का क्या महत्व था?
इस वर्ष का कार्यक्रम विशेष था क्योंकि इसमें दो यूरोपीय नेता शामिल हुए, जो द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ने सभी प्रतिभागियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सहभागिता ने राष्ट्रीय पर्व को भव्य और समावेशी बनाया।
राष्ट्र प्रेस