क्या गणतंत्र दिवस से पहले सीबीआई के 31 अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या गणतंत्र दिवस से पहले सीबीआई के 31 अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान?

सारांश

गणतंत्र दिवस के अवसर पर, सीबीआई ने 31 अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया। राष्ट्रपति पुलिस पदक और पुलिस पदक प्रदान कर, उनके योगदान को मान्यता दी गई है। यह सम्मान सीबीआई के समर्पण और राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान का प्रतीक है।

मुख्य बातें

सीबीआई के 31 अधिकारियों को गणतंत्र दिवस से पहले सम्मानित किया गया।
विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किए गए।
यह सम्मान आंतरिक सुरक्षा में योगदान का प्रतीक है।
समर्पण और अनुशासन के लिए तकनीकी स्टाफ को भी सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि अन्य कर्मियों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगी।

नई दिल्ली, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस से पूर्व, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के 31 अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट, निष्ठावान और सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। इन सम्मानित कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए गए हैं।

यह सम्मान देश की आंतरिक सुरक्षा, भ्रष्टाचार-निरोध, आर्थिक अपराधों की जांच और प्रशासनिक दक्षता में उनके उल्लेखनीय योगदान का प्रतीक है।

इस वर्ष, विशिष्ट सेवा के लिए कुल छह अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इनमें दिल्ली जोन के जोन प्रमुख चंद्रशेखर वेणुपुल्लई (आईपीएस), सीबीआई मुख्यालय में एसपी (एडमिन) अमित श्रीवास्तव, नई दिल्ली के एससी-III में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश शर्मा, कोलकाता एसयू के सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार यति, गाजियाबाद स्थित सीबीआई अकादमी के सहायक सब इंस्पेक्टर चमन लाल और हैदराबाद एसीबी के हेड कांस्टेबल अमु गोल्ला शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में असाधारण पेशेवर दक्षता, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।

वहीं, सराहनीय सेवा के लिए 25 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। इस सूची में विभिन्न जोन, शाखाओं और इकाइयों में कार्यरत आईपीएस अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक, तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारी तथा फील्ड स्टाफ शामिल हैं। इनमें एससी जोन के जोन प्रमुख वेंकट सुब्बा रेड्डी चिन्नाकोंडु (आईपीएस), मुंबई एसीबी के उप महानिरीक्षक सदानंद शंकरराव दाते, नई दिल्ली एसीबी के उप कानूनी सलाहकार मनमोहन शर्मा, दीप्ति वशिष्ठ, सीबीआई, नई दिल्ली, नारिकोटे नंदिनी, कार्यालय अधीक्षक, सीबीआई चेन्नई, विनोद कुमार, सहायक सब-इंस्पेक्टर सीबीआई लखनऊ, नेत्रम चौरसिया, हेड कांस्टेबल, सीबीआई नई दिल्ली, पूरन मल गुर्जर, हेड कांस्टेबल, सीबीआई जयपुर सहित देशभर के कई महत्वपूर्ण कार्यालयों में तैनात अधिकारी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, तकनीकी और सहायक स्टाफ जैसे प्रोग्रामर, कार्यालय अधीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबलों को भी उनके समर्पण, अनुशासन और सतत सेवा के लिए सम्मानित किया गया है। यह दर्शाता है कि सीबीआई में हर स्तर पर कार्यरत कर्मियों की भूमिका संगठन की सफलता में समान रूप से महत्वपूर्ण है।

सीबीआई नेतृत्व ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि संगठन की सामूहिक प्रतिबद्धता, पेशेवर मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना का भी सम्मान है। यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि सीबीआई के अधिकारियों का राष्ट्रीय सम्मान वास्तव में हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार के पुरस्कार निश्चित रूप से अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करेंगे और हमारे राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्टता की भावना को बढ़ावा देंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस पर सीबीआई के अधिकारियों को क्यों सम्मानित किया गया?
उन्हें उनकी उत्कृष्ट, निष्ठावान और सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया है।
कितने अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला?
इस वर्ष कुल छह अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया।
पुलिस पदक किस लिए दिया गया?
पुलिस पदक सराहनीय सेवा के लिए दिया गया है।
सीबीआई में कौन-कौन से कर्मचारी सम्मानित हुए?
इसमें आईपीएस अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं।
यह सम्मान किसका प्रतीक है?
यह सम्मान देश की आंतरिक सुरक्षा और भ्रष्टाचार-निरोध में उनके योगदान का प्रतीक है।
राष्ट्र प्रेस