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महिला आरक्षण विधेयक: सोनिया नित्यानंद ने की राजनीतिक भागीदारी की पुष्टि

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महिला आरक्षण विधेयक: सोनिया नित्यानंद ने की राजनीतिक भागीदारी की पुष्टि

सारांश

महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि यह भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस पहल का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अभूतपूर्व प्रयास बताया।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देगा।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहनीय पहल है।
महिलाओं को आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने का अधिकार मिलेगा।
यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक होगा।
इसका लाभ चुनावों में उठाया जा सकेगा यदि इसे समय पर पारित किया गया।

लखनऊ, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पद्म श्री से सम्मानित केजीएमयू की उपकुलपति सोनिया नित्यानंद ने महिला आरक्षण विधेयक पर बात करते हुए कहा कि अब भारत की राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित किया गया है। यह एक अनोखी पहल है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए की गई है।

उन्होंने आगे बताया कि इस विधेयक से महिलाओं की प्रत्यक्ष और सक्रिय भूमिका सुनिश्चित हो पाएगी। 27 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद, देश की महिलाओं को यह अधिकार प्राप्त हो रहा है। मैं एक महिला के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का दिल से धन्यवाद करती हूं।

महिला आरक्षण बिल पर सामाजिक कार्यकर्ता और सुप्रीम कोर्ट की वकील फराह फैज ने कहा कि यह मोदी सरकार का एक स्वागत योग्य कदम है। अगर इसे चुनावों के बाद लागू किया जाता है, तो इसका कोई लाभ नहीं होगा। इसे चुनावों से पहले लागू करने से ही इसका सही उपयोग होगा।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक उन महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा, जो अपनी समस्याओं को साझा करने में असमर्थ थीं। यदि यह कानून पास होता है, तो इसका चुनावों में लाभ उठाया जा सकेगा।

महिला आरक्षण विधेयक पर नगर निगम पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि राजनीति में महिलाओं के लिए भी आरक्षण होगा। कई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी, और उन सीटों पर चुनाव लड़ने का अधिकार केवल महिलाओं को होगा।

महिला आरक्षण बिल पर लक्ष्मी नगर की पार्षद अलका राघव ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी का तहे दिल से धन्यवाद करती हूं। उनके कार्यकाल में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयास किसी भी पिछली सरकार की तुलना में अधिक प्रभावी रहे हैं। यह केवल एक नीतिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि महिला आरक्षण विधेयक भारत की राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल न्याय की तरफ अग्रसर है, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को भी सशक्त बनाता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण विधेयक का मुख्य उद्देश्य भारत की राजनीतिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करना है।
कब से इस विधेयक पर चर्चा हो रही है?
महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा पिछले 27 वर्षों से चल रही है।
इस विधेयक से महिलाओं को क्या लाभ होगा?
इस विधेयक से महिलाओं को राजनीति में आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने का अधिकार मिलेगा, जिससे उनकी आवाज़ को मजबूती मिलेगी।
महिलाओं को आरक्षण कैसे मिलेगा?
सरकार द्वारा कई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी, जिन्हें केवल महिलाएं ही भर सकेंगी।
क्या यह विधेयक चुनावों से पहले पारित होगा?
यह विधेयक चुनावों से पहले पारित होना आवश्यक है ताकि इसका सही उपयोग हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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