मनीषा कोइराला ने नेपाल में कला की गहराई में खोया, सांस्कृतिक धरोहर की खोज
सारांश
Key Takeaways
- मनीषा कोइराला का कला के प्रति गहरा प्रेम
- नेपाल की समृद्ध संस्कृति और कला का अनुभव
- दोस्ती और कला का महत्व
- नेपाल में आर्ट एकेडमी का संचालन
- संस्कृति के प्रति सम्मान और अध्ययन
मुंबई, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मनीषा कोइराला, जो कि 'दिल से,' 'मन,' और 'गुप्त' जैसी कई चर्चित फ़िल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेर चुकी हैं, आज भी फ़िल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।
अभिनेत्री को हाल ही में संजय लीला भंसाली की पीरियड ड्रामा 'हीरामंडी: द डायमंड बाजार' में देखा गया। मनीषा ने कई बार अपने कला के प्रति प्रेम को दर्शाया है। हाल ही में, उन्होंने नेपाल के एक म्यूजियम का दौरा किया, जहाँ उन्होंने नेपाल की समृद्ध संस्कृति और कला का अनुभव किया।
मनीषा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की है, जिसमें वह अपने दोस्तों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं। उनका मानना है कि उनके दोस्त उनके जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। इसके साथ ही, उन्होंने नेपाल म्यूजियम की तस्वीरें भी साझा की हैं, जहाँ बौद्ध और हिंदू धर्म की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलती है। एक तस्वीर में भगवान शिव के नटराज अवतार की पेंटिंग है, जबकि दूसरी ओर बौद्ध संस्कृति के चित्र हैं।
उन्होंने इन खूबसूरत फोटोज के साथ लिखा, "मुझे नेपाली कला संग्रहालय में अद्भुत कलाकारों और दोस्तों के काम को देखने का अवसर मिला। थंका और पौभा, समृद्ध नेवारी कला परंपराओं के प्रति मेरा प्रेम दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। हर कलाकृति में भक्ति, इतिहास और आत्मा का समावेश है। इसे देखना और इसके बारे में जानना सच में एक खास अनुभव है।"
अभिनेत्री ने साझा किया कि हर कलाकृति को इतनी मेहनत से तैयार किया गया है कि वो जीवंत प्रतीत होती हैं। प्रत्येक प्रतिमा से कुछ न कुछ सीखने को मिलता है। मनीषा ने बताया कि उनकी भाभी कई वर्षों से नेपाल में रहकर एक आर्ट एकेडमी चला रही हैं। उन्होंने कहा, 'किसी भी विदेशी महिला के लिए इस तरह की संस्था को आरंभ करना आसान नहीं है। आज उनकी मेहनत के कारण इस संस्था ने एक मजबूत नाम अर्जित किया है।'