मैरी मिलबेन ने पीएम मोदी के ईस्टर संदेश पर किया आभार व्यक्त
सारांश
Key Takeaways
- ईस्टर का संदेश प्रेम और शांति का है।
- मैरी मिलबेन ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया।
- ईस्टर के पर्व का महत्व धार्मिक और सामाजिक है।
वाशिंगटन, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ईस्टर डे' के विशेष अवसर पर सभी को बधाई दी। पीएम मोदी के इस बधाई संदेश पर प्रसिद्ध अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने प्रतिक्रिया दी और प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इस सुंदर ईस्टर शुभकामना के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद। ईश्वर के वचनों से हमें यह सिखने को मिलता है कि ईसा मसीह का बलिदान, दफन होना और पुनर्जीवित होना ही हमारे लिए मुक्ति और स्वर्ग की ओर ले जाने वाला सच्चा मार्ग है। यह सब इसलिए हुआ ताकि हम असली आजादी का अनुभव कर सकें। ईश्वर के वचनों की सच्चाई मानवता को और अधिक प्रेम, शांति और आजादी की ओर प्रेरित करती रहे। आपके प्रभावशाली नेतृत्व के लिए धन्यवाद। ईश्वर आपको खुश रखें।"
पीएम मोदी ने ईस्टर के इस मौके पर बधाई देते हुए लिखा था, "ईस्टर की शुभकामनाएं। यह पवित्र दिन आशा और नई शुरुआत का उत्सव है। यह सभी के जीवन में शांति, खुशी और रौनक लाए। ईसा मसीह की शिक्षाएं सभी को दयालु बनने और समाज में एकता की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करें।"
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी ईस्टर की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व नवचेतना, सद्भाव और करुणा की भावना को और बढ़ाए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी ईस्टर के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन दिन भगवान यीशु मसीह के पुनरुत्थान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर हमें सत्य, प्रेम, करुणा, त्याग और क्षमा जैसे मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करता है। राष्ट्रपति ने लोगों से अपील की कि वे इस दिन सामूहिक रूप से शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लें।
ईस्टर, ईसाई धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसे यीशु मसीह के पुनरुत्थान के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि रोमन शासन द्वारा सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यीशु मसीह मृतकों में से जीवित हो उठे थे। इसे पाप और मृत्यु पर जीत का प्रतीक माना जाता है।
ईस्टर, 'होली वीक' का अंतिम और सबसे प्रमुख दिन भी है। इस होली वीक में पाम संडे (यीशु का यरुशलम में प्रवेश), मोंडी थर्सडे (द लास्ट सपर) और गुड फ्राइडे (सूली पर चढ़ाया जाना) जैसे महत्वपूर्ण दिन शामिल होते हैं। 'ईस्टर एग्स' भी इस पर्व का खास हिस्सा हैं। अंडे नए जीवन और खाली कब्र का प्रतीक माने जाते हैं। परंपरागत रूप से इन्हें लाल रंग में रंगा जाता है, जो मसीह के रक्त का प्रतीक होता है।