मिशन शक्ति फेज-6.0: गौतमबुद्धनगर में 5,000 विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव की ट्रेनिंग
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 15 अक्टूबर 2026 को मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत एक व्यापक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें कमिश्नरेट क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के करीब 5,000 विद्यार्थियों को ऑनलाइन खतरों और उनसे बचाव के तरीकों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एक साथ कई शैक्षणिक संस्थानों में किया गया, जिससे एक ही दिन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ लाभान्वित हुईं।
अभियान का नेतृत्व और संरचना
यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में संचालित किया गया। क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) सुनिति और अपर पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) मनीषा सिंह के पर्यवेक्षण में निभाई गई। अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है।
साइबर विशेषज्ञ ने दी अपराधों की विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में प्रख्यात साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया का असावधानीपूर्वक इस्तेमाल लोगों को साइबर अपराधियों का आसान निशाना बना सकता है।
टंडन ने फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, पहचान चोरी, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे प्रमुख साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर विश्वास करने, संदिग्ध लिंक खोलने या गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले सावधानी बरतना अनिवार्य है।
विद्यार्थियों के सवाल और पुलिस के जवाब
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन अपराधों से जुड़े कई सवाल पूछे। संबंधित थानों की साइबर हेल्प डेस्क पर तैनात प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों ने सरल भाषा और व्यावहारिक उदाहरणों के ज़रिए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
पुलिस ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि साइबर अपराध का शिकार होने पर शिकायत कैसे दर्ज कराएँ, डिजिटल साक्ष्य — जैसे संदेश, लेनदेन की जानकारी और स्क्रीनशॉट — किस तरह सुरक्षित रखें, और समय पर पुलिस को सूचित करना क्यों ज़रूरी है।
हेल्पलाइन और शिकायत पोर्टल की जानकारी
कार्यक्रम में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने से जाँच में सहयोग और समय पर कार्रवाई की संभावना काफी बढ़ जाती है।
आगे की योजना
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। इनका लक्ष्य महिलाओं, बालिकाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर खतरों से सचेत करना और उन्हें एक सुरक्षित डिजिटल जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है।