चंडीगढ़ में PM मोदी ने किया ₹4,700 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, बोले — 'यह भारत के विकास का मॉडल'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़ी ₹4,700 करोड़ से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं, बल्कि यह पूरे भारत के लिए विकास का एक जीवंत मॉडल है।
मुख्य घोषणाएँ और परियोजनाएँ
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चंडीगढ़ व्यवस्थित नगर-नियोजन, बेहतर जीवनशैली और उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के लिए देशभर में जाना जाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बीते वर्षों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल गवर्नेंस जैसी परियोजनाओं पर ₹2,500 करोड़ से अधिक खर्च कर चंडीगढ़ को हाईटेक बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए चिकित्सा सेवाओं का एक बड़ा केंद्र है। इस शहर का विकास केवल यहाँ के निवासियों को नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पश्चिम क्षेत्र को लाभ पहुँचाता है।
न्याय संहिता और ऐतिहासिक संदर्भ
मोदी ने याद दिलाया कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व देश ने न्याय व्यवस्था में एक ऐतिहासिक सुधार किया था — दंड संहिता के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता लागू की गई, जो दंड-आधारित कानूनों की जगह न्याय-आधारित कानून व्यवस्था स्थापित करती है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि इस संहिता को लागू करने की शुरुआत सबसे पहले चंडीगढ़ से ही हुई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट सिटी मिशन में अग्रणी माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह शहर लगातार स्वच्छ भारत रैंकिंग में भी बेहतर प्रदर्शन करता रहा है।
स्वच्छता और सामाजिक पहल
स्वास्थ्य और स्वच्छता के अंतर्संबंध पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख किया, जो 2014 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत देशभर में करोड़ों शौचालय बनाए गए और देश को खुले में शौच से मुक्त कराया गया।
इसी क्रम में उन्होंने चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू की विशेष सराहना की, जिन्हें 'ब्रूम वॉरियर' के नाम से जाना जाता है। मोदी ने कहा कि सिद्धू ने चंडीगढ़ में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता की एक नई लहर जगाई है, जिसके लिए सरकार ने उन्हें इस वर्ष पद्म सम्मान से सम्मानित किया।
शिक्षा और नवाचार का केंद्र
प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ को एक अनूठे शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में रेखांकित किया, जहाँ इंजीनियरिंग, चिकित्सा विज्ञान और शोध के प्रमुख संस्थान एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ये संस्थान नई तकनीक, हेल्थकेयर, स्टार्टअप और इनोवेशन के बड़े केंद्र बन सकते हैं।
आगे की राह देखें तो इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर चंडीगढ़ न केवल उत्तर भारत के स्वास्थ्य और शिक्षा के हब के रूप में अपनी स्थिति और मज़बूत करेगा, बल्कि डिजिटल और स्मार्ट गवर्नेंस में भी अन्य शहरों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा।