प्रधानमंत्री मोदी का महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम : आरपी सिंह
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री मोदी का महिला आरक्षण बिल के लिए समर्थन की अपील करना।
- आर.पी. सिंह का कांग्रेस पर आरोप और महिला सशक्तीकरण का मुद्दा।
- बिहार में राजनीतिक स्थिरता और नीतीश कुमार की स्थिति।
- पश्चिम बंगाल में नौकरियों में भ्रष्टाचार का मुद्दा।
- एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं होने की जानकारी।
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को शीघ्र लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्षी दलों को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि देश की बेटियों, बहनों और महिलाओं को राजनीतिक सशक्तीकरण का अवसर मिले। भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने रविवार को मोदी सरकार को महिलाओं के कल्याण के लिए कार्यरत सरकार बताया।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा है कि देश की महिलाएं सशक्त हों, उन्हें आरक्षण मिले। वे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लाल किले की प्राचीर से शौचालयों का मुद्दा उठाया और देश में लगभग 14 करोड़ शौचालय बनवाए। पहली बार 44 करोड़ से अधिक गैस चूल्हे प्रदान किए गए, और घरों में पानी की पाइपलाइनें पहुंचाई गईं।
'ड्रोन दीदी' और 'लखपति दीदी' जैसी योजनाओं के माध्यम से 3 करोड़ महिलाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। इसलिए, प्रधानमंत्री निरंतर महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं और सभी दलों से इस बिल का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पत्र पर कड़ा जवाब देते हुए कहा, "खड़गे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कुछ मुद्दे उठाए हैं और यह दावा किया है कि विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। वास्तव में, खड़गे इस बिल का विरोध कर रहे हैं और नहीं चाहते कि यह बिल पारित हो। उनके सहयोगी दल राजद और सपा पहले से ही इस बिल के खिलाफ हैं।"
भाजपा नेता ने राहुल गांधी के भाजपा और आरएसएस पर डॉ. अंबेडकर की विचारधारा को कुचलने के आरोप पर कहा, "कांग्रेस ने खुद डॉ. अंबेडकर के खिलाफ चुनाव लड़ा। अब वे हम पर आरोप लगा रहे हैं कि हम अंबेडकर की विचारधारा के खिलाफ हैं। आर.पी. सिंह ने कहा कि यदि देश में खुशहाली है, सभी जातियों का ध्यान रखा गया है, तो यह मोदी और भाजपा की चिंता है, न कि कांग्रेस की।"
बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नीतीश कुमार पर दिए हालिया बयान पर भाजपा नेता ने कहा, "तेजस्वी यादव की उम्र के समान, नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर दोगुना है। नीतीश कुमार पर कोई दबाव नहीं डाल सकता। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह तय करने का अधिकार केवल नीतीश कुमार के पास है।"
पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी करते हुए नेता ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि वहां नौकरियों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। हर मंत्री 50 करोड़ कमा रहा है और कई मंत्री तथा सांसद जेल जा चुके हैं। महिलाओं के प्रति बुरा व्यवहार भी आम हो गया है।
उन्होंने एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी कहा, "एलपीजी सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। पहले 55 लाख सिलेंडरों की खपत होती थी, अब 52 लाख की मांग पूरी की जा रही है। सरकार इस मांग को पूरा करती रहेगी।"