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क्या संविधान ही भारत की आत्मा है? मोदी-योगी सरकार क्या कर रही है मूल भावना के अनुरूप?

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क्या संविधान ही भारत की आत्मा है? मोदी-योगी सरकार क्या कर रही है मूल भावना के अनुरूप?

सारांश

गणतंत्र दिवस के मौके पर पंकज चौधरी ने संविधान की अहमियत और मोदी-योगी सरकार के कार्यों की सराहना की। क्या सच में संविधान ही भारत की आत्मा है? जानें इस विशेष अवसर पर उनके विचार।

मुख्य बातें

गणतंत्र दिवस भारत का संविधान लागू होने की वर्षगांठ है।
संविधान ही भारत की आत्मा है।
मोदी-योगी सरकार ने गरीबों के सशक्तिकरण की दिशा में काम किया है।
भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।
संविधान की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

लखनऊ, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पार्टी के राज्य मुख्यालय पर झंडारोहण किया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी उपस्थित रहे। झंडारोहण के उपरांत उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पंकज चौधरी ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि यह भारत की संवैधानिक व्यवस्था की मजबूती का संकल्प और अमर बलिदानियों के त्याग को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत गणतंत्र बना और हमारे पूर्वजों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसकी आत्मा हमारा संविधान है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों से अधिक समय से केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगभग 9 वर्षों से उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य कर रही है। गरीबों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनके सशक्तिकरण के साथ-साथ भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से भारत की सांस्कृतिक आभा विश्व पटल पर उजागर हुई है।

उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कर भारत ने वह कर दिखाया, जो इससे पहले कोई देश नहीं कर सका।

चौधरी ने स्पष्ट किया कि भाजपा की स्थापना सत्ता के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा के लिए हुई है, और बीते 11 वर्षों में यह सरकार की योजनाओं में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए थल, जल और वायु सेना के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। साथ ही अर्धसैनिक बलों और पुलिस फोर्स के योगदान की भी सराहना की, जिनके अथक प्रयासों से देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में संविधान को और अधिक मजबूती मिली है। एक देश-एक कर (जीएसटी), ईडब्ल्यूएस आरक्षण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, और महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक निर्णय संविधान की मूल अवधारणा के अनुरूप और राष्ट्रहित में रहे हैं।

धर्मपाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की गरिमा, लोकतंत्र की शक्ति और राष्ट्र सेवा के दायित्व का स्मरण कराता है। न्याय, समानता और बंधुत्व का भाव ही भारत की आत्मा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी से स्वावलम्बी भारत और सर्वांगीण विकास के लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि हम सभी संविधान के सम्मान, सशक्त लोकतंत्र और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम सभी मिलकर एक सशक्त और समृद्ध भारत की दिशा में काम करें।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस का महत्व क्या है?
गणतंत्र दिवस भारत की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना का प्रतीक है।
मोदी-योगी सरकार ने संविधान के लिए क्या किया है?
मोदी-योगी सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जो संविधान की मूल भावना के अनुरूप हैं।
राष्ट्र प्रेस
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