29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश: सरकारी स्कूलों के 58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए ₹600 सीधे खाते में, ₹348 करोड़ मंज़ूर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश: सरकारी स्कूलों के 58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए ₹600 सीधे खाते में, ₹348 करोड़ मंज़ूर

सारांश

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 58 लाख सरकारी स्कूली बच्चों को गणवेश के लिए ₹600 सीधे बैंक खाते में देने का फ़ैसला किया — कुल ₹348 करोड़ का आवंटन। साथ ही विमुक्त एवं घुमन्तु वर्गों के छात्रावासों में अनाज दर ₹5 से घटाकर ₹1 प्रति किलो की गई और ₹24,500 करोड़ के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 58 लाख सरकारी स्कूली छात्रों को गणवेश के लिए ₹600 प्रति छात्र देने का निर्णय लिया गया।
यह राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी; कुल आवंटन ₹348 करोड़ ।
बैठक में कुल ₹24,500 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के छात्रावासों में अनाज दर ₹5 प्रति किलो से घटाकर ₹1 प्रति किलो की गई।
यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में भारत के 78 में से 19 स्थल मध्य प्रदेश के हैं, जिनमें बाघ गुफाएँ, गिन्नौरगढ़ किला और उदयगिरि की गुफाएँ शामिल हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने 29 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के शासकीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले 58 लाख विद्यार्थियों को गणवेश (यूनिफ़ॉर्म) के लिए ₹600 प्रति छात्र सीधे बैंक खाते में देने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य सरकार ने इस मद में कुल ₹348 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की।

कैबिनेट बैठक में मुख्य निर्णय

कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के बाद जानकारी दी कि इस बार गणवेश राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में कुल ₹24,500 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें पुनरीक्षित, संशोधित और विभिन्न योजनाओं की निरंतरता से जुड़े प्रस्ताव शामिल थे।

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में सीधे लाभ हस्तांतरण को प्राथमिकता दे रही है। गौरतलब है कि पूर्व में गणवेश वितरण की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह बदलाव महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

विमुक्त एवं घुमन्तु वर्गों के छात्रावासों को राहत

बैठक में एक और अहम कल्याणकारी फ़ैसला लिया गया। अब तक विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभागीय छात्रावासों एवं कल्याण आश्रमों को ₹5 प्रति किलो की दर से 12 किलो अनाज उपलब्ध कराया जाता था। कैबिनेट ने निर्णय लिया कि अब इन संस्थानों को भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्गों के छात्रावासों की भाँति ₹1 प्रति किलो की दर से अनाज दिया जाएगा।

मंत्री काश्यप के अनुसार यह कदम इन संस्थानों में रहने वाले जरूरतमंद विद्यार्थियों के हित में एक महत्त्वपूर्ण समानीकरण उपाय है।

यूनेस्को की सूची में मध्य प्रदेश के 19 स्थल

कैबिनेट बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि यूनेस्को की टेंटेटिव (अस्थायी) विश्व धरोहर सूची में भारत के कुल 78 स्थलों में से 19 स्थल मध्य प्रदेश के हैं। इनमें बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएँ प्रमुख हैं।

मंत्री काश्यप ने कहा कि यह सूची प्रदेश के पर्यटन विकास की दृष्टि से एक ठोस आधार तैयार करती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है और सभी टाइगर रिज़र्व एवं वन्यजीव अभयारण्यों को व्यवस्थित एवं विकसित किया जा रहा है।

आम जनता पर असर

गणवेश राशि का सीधे खाते में हस्तांतरण उन परिवारों के लिए राहत की बात है जो बच्चों की स्कूली ज़रूरतों पर होने वाले खर्च को लेकर चिंतित रहते हैं। ₹348 करोड़ का यह आवंटन राज्य के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के सरकारी स्कूली बच्चों को समान रूप से लाभ देगा।

विमुक्त एवं घुमन्तु वर्गों के छात्रावासों में अनाज दर में कटौती से उन संस्थानों के परिचालन खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे अधिक संसाधन सीधे छात्रों की शिक्षा और पोषण पर लगाए जा सकेंगे। आगे देखना होगा कि डीबीटी के माध्यम से गणवेश राशि का वितरण किस समय-सीमा में पूरा होता है और इसकी निगरानी व्यवस्था कैसी रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि राज्य में पूर्व में भी छात्र-कल्याण योजनाओं के तहत धनराशि समय पर न पहुँचने की शिकायतें रही हैं। ₹600 की राशि शहरी बाज़ारों में एक जोड़ी यूनिफ़ॉर्म की वास्तविक लागत के सापेक्ष पर्याप्त है या नहीं, यह सवाल भी उठता है। विमुक्त एवं घुमन्तु वर्गों के लिए अनाज दर का समानीकरण एक देर से आया लेकिन ज़रूरी सुधार है — यह वर्ग लंबे समय से उच्च दर पर अनाज खरीदने को मजबूर था। ₹24,500 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति की बारीकियाँ सार्वजनिक नहीं हुई हैं, जो पारदर्शिता की दृष्टि से एक खाली जगह छोड़ती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूल के बच्चों को गणवेश के लिए कितनी राशि मिलेगी?
मध्य प्रदेश सरकार ने कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूली छात्रों को गणवेश के लिए ₹600 प्रति छात्र देने का निर्णय लिया है। यह राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
मध्य प्रदेश गणवेश योजना से कितने बच्चों को फ़ायदा होगा?
इस योजना से राज्य के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले 58 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इस मद में कुल ₹348 करोड़ की स्वीकृति दी है।
मोहन यादव कैबिनेट की 29 सितंबर 2026 की बैठक में और क्या फ़ैसले हुए?
कैबिनेट ने कुल ₹24,500 करोड़ के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी, जिनमें पुनरीक्षित और संशोधित प्रस्ताव शामिल थे। इसके अलावा विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के छात्रावासों में अनाज दर ₹5 से घटाकर ₹1 प्रति किलो करने का निर्णय भी लिया गया।
विमुक्त और घुमन्तु वर्गों के छात्रावासों में अनाज दर में क्या बदलाव हुआ?
पहले इन वर्गों के छात्रावासों को ₹5 प्रति किलो की दर से 12 किलो अनाज मिलता था। अब उन्हें भी अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रावासों की तरह ₹1 प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा।
यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में मध्य प्रदेश के कौन-से स्थल शामिल हैं?
यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में भारत के 78 स्थलों में से 19 मध्य प्रदेश के हैं। इनमें बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएँ प्रमुख हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले