मुंबई एयरपोर्ट पर डीआरआई की बड़ी कार्रवाई: ₹13.295 करोड़ की 2.659 किलो कोकीन जब्त, दो गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने शनिवार, 16 मई को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो अलग-अलग कार्रवाइयों में ₹13.295 करोड़ की 2.659 किलोग्राम कोकीन जब्त की और एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान के तहत अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पहली कार्रवाई: अदीस अबाबा से आई महिला यात्री के सामान में छिपी लिक्विड कोकीन
डीआरआई अधिकारियों ने अदीस अबाबा से आई एक महिला यात्री को संदेह के आधार पर रोका। उसके सामान की गहन जाँच में 8 पाउच बरामद हुए, जिनमें 1.575 किलोग्राम लिक्विड कोकीन छिपाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इस नशीले पदार्थ की अवैध बाज़ार में कीमत लगभग ₹7.875 करोड़ आँकी गई है।
गौरतलब है कि लिक्विड रूप में कोकीन की तस्करी अपेक्षाकृत नई और जटिल विधि है, जिसे पकड़ पाना परंपरागत स्कैनिंग से कठिन होता है। इस बरामदगी से संकेत मिलता है कि तस्कर अब अधिक परिष्कृत तरीकों का सहारा ले रहे हैं।
दूसरी कार्रवाई: अफ्रीकी नागरिक के पेट से निकले 70 कोकीन कैप्सूल
उसी दिन एक अन्य कार्रवाई में डीआरआई ने एक अफ्रीकी नागरिक को हिरासत में लिया, जिसके पेट की चिकित्सकीय जाँच में 70 कैप्सूल पाए गए। इन कैप्सूलों में भरी कोकीन का कुल वजन 1.084 किलोग्राम था, जिसकी अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹5.42 करोड़ बताई जा रही है।
'बॉडी पैकिंग' या 'स्वैलोइंग' के ज़रिए तस्करी की यह विधि अत्यंत खतरनाक होती है और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसके मामले बढ़ रहे हैं। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
जाँच की स्थिति और आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। डीआरआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी जा रही थी और इस तस्करी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। जाँच एजेंसी कई अन्य बिंदुओं से इस मामले की तह तक जाने में जुटी है।
डीआरआई का व्यापक अभियान
डीआरआई नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य की सीमाओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। एजेंसी का लक्ष्य न केवल तस्करों को पकड़ना है, बल्कि उन आपूर्ति श्रृंखलाओं को भी उखाड़ फेंकना है जो भारत में नशीले पदार्थों की आपूर्ति को संभव बनाती हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। मुंबई हवाई अड्डे पर इस तरह की लगातार बरामदगियाँ बताती हैं कि यह मार्ग तस्करों के लिए एक प्रमुख प्रवेश बिंदु बना हुआ है।