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एनसीईआरटी को मिली डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा, अब छात्र प्राप्त कर सकेंगे ग्रेजुएशन व डॉक्टरेट डिग्रियां

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एनसीईआरटी को मिली डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा, अब छात्र प्राप्त कर सकेंगे ग्रेजुएशन व डॉक्टरेट डिग्रियां

सारांश

अब एनसीईआरटी छात्रों को ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट जैसी डिग्रियां देने में सक्षम होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इसे डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।

मुख्य बातें

एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त हुआ है।
छात्र अब ग्रेजुएशन , पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट डिग्रियां प्राप्त कर सकेंगे।
यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।
एनसीईआरटी के छह क्षेत्रीय संस्थान भी शामिल हैं।
इस प्रक्रिया में तीन वर्ष लगे हैं।

नई दिल्ली, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा और साथ ही ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट जैसी डिग्रियां भी प्रदान करेगा। एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त हो चुका है, जिससे यह विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम चला सकेगा। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा मंजूरी दी गई है।

यह संस्थान पाठ्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों को डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट डिग्रियां प्रदान कर सकेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार उठाया गया है। इसके अलावा, यूजीसी द्वारा निर्धारित नियमों के तहत एनसीईआरटी को अपने ऑफ-कैंपस और ऑफशोर सेंटर स्थापित करने की अनुमति भी दी गई है।

शिक्षा मंत्रालय ने एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के संबंध में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, यूजीसी के अधिनियम 1956 की धारा 3 के अनुसार, यूजीसी की सलाह पर यह दर्जा प्रदान किया गया है। अब एनसीईआरटी अपनी छह विभिन्न इकाइयों के साथ एक डीम्ड यूनिवर्सिटी होगी।

एनसीईआरटी की इन इकाइयों में रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन अजमेर, नॉर्थ ईस्ट रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन शिलांग, रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन मैसूर, पंडित सुंदरलाल शर्मा सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन और रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन भुवनेश्वर शामिल हैं। डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से एनसीईआरटी छात्रों को उच्च शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रमों की पेशकश करेगा और उन्हें मान्यता प्राप्त डिग्रियां भी प्राप्त होंगी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल जनवरी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विशेषज्ञ समिति की कुछ विशेष सिफारिशों को मंजूरी दी थी, जिसमें एनसीईआरटी को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने की बात कही गई थी।

शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एनसीईआरटी और इसके छह क्षेत्रीय संस्थानों को पहले से निर्धारित नियमों को पूरा करने के बाद ही यह दर्जा दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में एनसीईआरटी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शोध कार्यक्रम, डॉक्टोरल और अभिनव शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं।

डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा पाने की प्रक्रिया में तीन वर्ष का समय लगा है। इसकी शुरुआत एनसीईआरटी द्वारा औपचारिक आवेदन के साथ हुई थी। आवेदन के बाद अगस्त 2023 में लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया, और एनसीईआरटी ने पिछले नवंबर 2025 में एक अनुपालन रिपोर्ट यूजीसी के समक्ष पेश की थी। इस अनुपालन रिपोर्ट को यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने मंजूर कर लिया है। अब शिक्षा मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, एनसीईआरटी छात्रों को डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट प्रोग्राम जैसी डिग्रियां प्रदान कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। एनसीईआरटी का डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा छात्रों के लिए एक सकारात्मक कदम है, जो उन्हें बेहतर शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध कराएगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीईआरटी को कब डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला?
एनसीईआरटी को यह दर्जा हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान किया गया है।
एनसीईआरटी किन डिग्रियों की पेशकश करेगा?
एनसीईआरटी ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन और डॉक्टरेट जैसी डिग्रियां प्रदान करेगा।
यह पहल किस नीति के अनुरूप है?
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।
एनसीईआरटी की कौन-कौन सी संस्थाएं हैं?
एनसीईआरटी में रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन अजमेर, शिलांग, मैसूर, और भुवनेश्वर शामिल हैं।
इस प्रक्रिया में कितना समय लगा?
डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्राप्त करने में तीन वर्ष का समय लगा।
राष्ट्र प्रेस
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