दिल्ली-एनसीआर में 1-4 सितंबर बारिश का अनुमान, तापमान 33°C तक गिरेगा; AQI में भी सुधार संभव
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर 2026 तक बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मानसून की विदाई के इस संधिकाल में आसमान बादलों से ढका रहेगा, तेज़ हवाएँ चलेंगी और अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होने का अनुमान है।
दिन-वार मौसम पूर्वानुमान
31 अगस्त को अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम 26°C रहने का अनुमान है। आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और मौसम विभाग ने इस दिन के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
1 सितंबर को मौसम में बदलाव और अधिक स्पष्ट होगा — अधिकतम तापमान 36°C व न्यूनतम 26°C के साथ आसमान सामान्य रूप से बादलों से ढका रहेगा और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।
2 सितंबर को तापमान में और गिरावट का अनुमान है — अधिकतम 33°C और न्यूनतम 25°C। इस दिन मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
3 और 4 सितंबर को भी मौसम राहतदेह बना रहेगा। दोनों दिन अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है, साथ ही हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
5 सितंबर को बारिश की संभावना कम होगी और आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 24°C रहने का पूर्वानुमान है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति
मौसम बदलाव के बीच दिल्ली के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में काफी अंतर दर्ज किया गया है। अशोक विहार में AQI 131, बवाना में 110, बुराड़ी क्रॉसिंग में 108, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 110, सीआरआरआई मथुरा रोड में 137 और डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 113 रिकॉर्ड किया गया।
अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति वाले क्षेत्रों में अया नगर का AQI 69, कैंटोनमेंट एरिया का 88 और चांदनी चौक का 86 दर्ज हुआ। यह दर्शाता है कि दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में वायु गुणवत्ता एकसमान नहीं है।
गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर
गाजियाबाद के मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भी AQI में व्यापक अंतर देखा गया। गोविंदपुरम में AQI 102, इंदिरापुरम में 53, लोनी में 163, संजय नगर में 50 और वेद विहार-लोनी में 145 दर्ज किया गया। लोनी का AQI 163 एनसीआर के सभी दर्ज स्टेशनों में सर्वाधिक रहा।
बारिश से प्रदूषण में राहत की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले एक-दो दिनों में बारिश और तेज़ हवाओं से वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों में कुछ कमी आ सकती है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब एनसीआर के कई इलाकों में AQI 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी के बीच बना हुआ है। हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश रुकने के बाद प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है, विशेषकर यदि हवाओं की दिशा बदलती है।
आगामी दिनों में मौसम विभाग के पूर्वानुमानों पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि मानसून की आधिकारिक विदाई की तारीख नज़दीक आने के साथ मौसम का स्वरूप तेज़ी से बदल सकता है।