क्या एनसीआर में वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ गई है? ऑरेंज से रेड जोन में पहुंचा एक्यूआई, स्कूल खुले लेकिन चिंता बढ़ी

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क्या एनसीआर में वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ गई है? ऑरेंज से रेड जोन में पहुंचा एक्यूआई, स्कूल खुले लेकिन चिंता बढ़ी

सारांश

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सूचकांक फिर से गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। कई क्षेत्रों में एक्यूआई रेड जोन में दर्ज किया गया है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। जानिए इस स्थिति के कारण और संभावित समाधान के बारे में।

Key Takeaways

  • एनसीआर में वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर है।
  • बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
  • घने कोहरे की संभावना है।
  • अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
  • मौसम विभाग की भविष्यवाणियों का ध्यान रखें।

नोएडा, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में निरंतर उतार-चढ़ाव के बाद अब यह फिर से गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। कुछ दिनों तक ऑरेंज जोन में स्थिर रही हवा की गुणवत्ता अब कई स्थानों पर रेड जोन में पहुँच गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश क्षेत्रों में एक्यूआई 250 से 350 के बीच दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यधिक चिंताजनक है।

गाजियाबाद में इंदिरापुरम में एक्यूआई 240 है, जबकि लोनी में यह 362 तक पहुँच गया है। संजय नगर में एक्यूआई 281 और वसुंधरा में 345 रिकॉर्ड किया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-III में एक्यूआई 279 और नॉलेज पार्क-V में 332 दर्ज किया गया है।

नोएडा के सेक्टर-125 और सेक्टर-1 में एक्यूआई 308-308 है, जबकि सेक्टर-62 में 251 और सेक्टर-116 में 316 एक्यूआई दर्ज किया गया है। दिल्ली के कई क्षेत्रों में भी स्थिति अत्यंत खराब है। आनंद विहार में एक्यूआई 344, अशोक विहार में 305, चांदनी चौक में 350, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 325, पटपड़गंज में 328, रोहिणी और आर.के.पुरम में 327-327 दर्ज किए गए हैं। ओखला फेज-2 में एक्यूआई 318, पंजाबी बाग में 305, पूसा में 333, सिरीफोर्ट में 328 और सोनिया विहार में 320 रिकॉर्ड किया गया।

हालाँकि, कुछ क्षेत्रों में स्थिति तुलनात्मक रूप से कम खराब रही, जैसे कि बवाना में एक्यूआई 196 (येलो जोन), आया नगर में 211 और शादिपुर में 270 दर्ज किया गया। इस बीच, आज से गौतमबुद्ध नगर में नर्सरी से पाँचवीं कक्षा तक के स्कूल फिर से खुल गए हैं, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रेड जोन की स्थिति में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। 6 जनवरी से 8 जनवरी तक एनसीआर में घने से मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। तापमान अधिकतम लगभग 19 डिग्री और न्यूनतम 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

Point of View

यह स्पष्ट है कि एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर है। यह केवल एक पर्यावरणीय चिंता नहीं है, बल्कि यह हमारे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए एक वास्तविक खतरा है। हमें सभी स्तरों पर इस मुद्दे का समाधान खोजने की आवश्यकता है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक क्या है?
एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) हाल ही में गंभीर स्तर पर पहुँच गया है, जिससे कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।
रेड जोन में रहने का क्या मतलब है?
रेड जोन में एक्यूआई का स्तर 300 से ऊपर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक होता है।
क्या स्कूल बंद होंगे?
स्कूल अभी खुले हैं, लेकिन अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
यह स्थिति कब सुधरेगी?
मौसम विभाग अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में गिरावट की संभावना है, जिससे स्थितियां बदल सकती हैं।
क्या मुझे बाहर जाने से बचना चाहिए?
जी हाँ, यदि आप सांस की समस्याओं से ग्रस्त हैं या बच्चे हैं, तो बाहर जाने से बचना बेहतर होगा।
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