नीमकाथाना सब्जी मंडी में पुलिस का छापा, 10 क्विंटल से अधिक अवैध पटाखे जब्त
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के नीमकाथाना में पुलिस और प्रशासन ने 4 नवंबर 2026 को दीपावली से पूर्व अवैध पटाखा कारोबार के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए सब्जी मंडी स्थित एक दुकान से 10 क्विंटल से अधिक अवैध पटाखे बरामद किए। तहसीलदार वीपी सिंह नरूका एवं पुलिस उपाधीक्षक सुशील मान के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध पटाखा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कार्रवाई का विवरण
प्रशासन को शिकायत मिली थी कि नीमकाथाना की सब्जी मंडी जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में सुरेश कुमार एवं रमेश कुमार मंडोली की दुकान पर बिना लाइसेंस खुलेआम पटाखों की बिक्री की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने दुकान पर छापेमारी की।
जाँच के दौरान दुकान के नीचे बने बेसमेंट गोदाम में भारी मात्रा में पटाखों का स्टॉक पाया गया। एएसआई सरदार मल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए संपूर्ण स्टॉक जब्त किया।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चिंता
तहसीलदार वीपी सिंह नरूका ने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की बिक्री से बड़े हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर आगजनी की घटना होने पर जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा है।
नरूका ने स्पष्ट किया कि 'भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी।' यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरे राजस्थान में दीपावली से पहले अवैध पटाखा कारोबार पर नकेल कसने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
लाइसेंस उल्लंघन का मामला
गौरतलब है कि आरोपी कारोबारियों के पास पटाखे बेचने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। विस्फोटक अधिनियम के तहत पटाखों की बिक्री के लिए अनिवार्य परमिट के बिना यह कारोबार पूरी तरह अवैध माना जाता है। दुकान के बेसमेंट में बड़े पैमाने पर भंडारण यह भी संकेत देता है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था।
आगे क्या होगा
पुलिस ने जब्त पटाखों को सुरक्षित स्थान पर रखवाया है और संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नीमकाथाना और आसपास के क्षेत्रों में इस तरह के अवैध पटाखा कारोबार के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। दीपावली से पहले प्रशासन की यह सतर्कता शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।