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निशांत कुमार का जदयू में शामिल होना: संगठन की मजबूती की ओर एक कदम, ललन सिंह

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निशांत कुमार का जदयू में शामिल होना: संगठन की मजबूती की ओर एक कदम, ललन सिंह

सारांश

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने पर खुशी जाहिर की। यह कदम पार्टी के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

मुख्य बातें

निशांत कुमार का जदयू में शामिल होना पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर।
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कार्यकर्ताओं की खुशी का जिक्र किया।
बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर कड़ी प्रतिक्रिया।

पटना, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के जदयू में शामिल होने पर कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है और यह लोगों के लिए खुशी की बात है।

उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं में उत्साह है और वे लंबे समय से चाहते थे कि निशांत कुमार राजनीति में कदम रखें। अब जब वे पार्टी में आ गए हैं, तो उनका स्वागत होना चाहिए। निशांत कुमार प्रत्येक जिले के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, और उन्होंने शनिवार को जिला अध्यक्षों के साथ बैठक की थी।

मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि निशांत कुमार को जल्द ही उनके कार्यों की जिम्मेदारी दी जाएगी, जबकि वे फिलहाल कार्यकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं और पार्टी को मजबूती प्रदान करने का कार्य करेंगे।

बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान के मामले पर उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और उनकी सरकार न तो संविधान का सम्मान करती है और न ही देश के प्रति कोई प्रेम दिखाती है। उन्होंने कहा कि एक आदिवासी महिला, जो देश के सर्वोच्च पद पर हैं, उनके प्रति अपमानजनक व्यवहार किया गया।

ललन सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी के लिए किसी का सम्मान मायने नहीं रखता; वह केवल अपने सम्मान की चाह रखती हैं। उनके इस आचरण को पूरा देश देख रहा है और आज सभी आक्रोशित हैं। समय आने पर बंगाल की जनता इसका उचित उत्तर देगी।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और आदिवासी समाज के सम्मान में विश्वास करने वाले हर व्यक्ति की भावनाएं इससे आहत हुई हैं। राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र की गरिमा का अपमान है।

पश्चिम बंगाल की सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता एक बार फिर उजागर हुई है। सत्ता के अहंकार में लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अनदेखी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब अवश्य देगी।

निशांत कुमार ने पटना स्थित जदयू कार्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे। इसके बाद उन्होंने पटना में स्थित महावीर मंदिर का भी दौरा किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निशांत कुमार का जदयू में शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह कदम जदयू के संगठन को मजबूत करने और पार्टी में नए विचारों को लाने का अवसर प्रदान करता है।
ललन सिंह ने इस पर क्या कहा?
उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया और कार्यकर्ताओं के उत्साह का जिक्र किया।
बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान पर क्या प्रतिक्रिया थी?
ललन सिंह ने इसे संविधान और लोकतंत्र का अपमान बताया और ममता बनर्जी की आलोचना की।
राष्ट्र प्रेस
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