7 अक्टूबर 2026
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पीएम मोदी के 25 वर्ष: नितिन नवीन बोले — 2014 में जनता ने विरासत नहीं, जनादेश चुना

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पीएम मोदी के 25 वर्ष: नितिन नवीन बोले — 2014 में जनता ने विरासत नहीं, जनादेश चुना

सारांश

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने इंदिरा गांधी स्टेडियम में दावा किया कि 2014 में पहली बार कोई प्रधानमंत्री राजनीतिक विरासत नहीं, बल्कि सीधे जनादेश के बल पर सत्ता में आया। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब का हवाला देते हुए उन्होंने इसे भारतीय राजनीति का 'टेक्टॉनिक शिफ्ट' बताया।

मुख्य बातें

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 अक्टूबर 2026 को इंदिरा गांधी स्टेडियम, नई दिल्ली में 'विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री का चेहरा राजनीतिक विरासत नहीं, सीधे जनादेश से चुना गया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब का हवाला देते हुए 2014 को भारतीय राजनीति का 'टेक्टॉनिक शिफ्ट' बताया।
मोदी सरकार की 3 करोड़ लखपति दीदियाँ , 4 करोड़ आवास , 11 करोड़ किसान लाभार्थी और 80 करोड़ को खाद्य सुरक्षा जैसे आँकड़े गिनाए।
देश में ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप और 125+ यूनिकॉर्न को मोदी कार्यकाल की उपलब्धि बताया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीएम मोदी को 35 से अधिक देशों के सर्वोच्च सम्मान मिलने का उल्लेख।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मोदी की संघर्ष, संकल्प और सेवा की यात्रा ने जनसेवा को राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया है।

मुख्य घटनाक्रम

नवीन ने कहा कि 2014 में पहली बार राष्ट्रीय चुनाव में प्रधानमंत्री का चेहरा केवल पार्टी का चेहरा नहीं रहा। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी को सीधे जनता के सामने चुनाव के प्रमुख चेहरे के रूप में पेश किया गया और देश की जनता ने उन्हें जनादेश देकर प्रधानमंत्री बनाया।' इस आयोजन में देशभर के सभी जिलों से कार्यकर्ता और नागरिक जुड़े।

गौरतलब है कि नवीन ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की किताब का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने 2014 के चुनाव को भारतीय राजनीति में 'टेक्टॉनिक शिफ्ट' करार दिया था।

ऐतिहासिक तुलना: विरासत बनाम जनादेश

नवीन ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू को आजादी के बाद कांग्रेस नेताओं ने चुना, इंदिरा गांधी को भी पार्टी ने पहली बार प्रधानमंत्री बनाया, और राजीव गांधी अपनी माता के निधन के बाद पहली बार पद पर आए। उनके अनुसार, पीएम मोदी किसी राजनीतिक परिवार या विरासत के साथ नहीं आए — वे अपने सार्वजनिक जीवन, संगठनात्मक अनुभव और जनता के जनादेश के आधार पर देश के प्रधानमंत्री बने।

25 वर्षों की योजनाएँ और उपलब्धियाँ

नवीन ने 2014 के बाद की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया:

उज्ज्वला योजना के माध्यम से महिलाओं के लिए सुरक्षित रसोई गैस का इंतजाम, 3 करोड़ लखपति दीदियों को आत्मनिर्भर बनाना, 11 करोड़ से अधिक किसान भाइयों के लिए किसान सम्मान योजना, और 4 करोड़ गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर। साथ ही, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण से राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।

कोरोना महामारी के दौरान निःशुल्क वैक्सीन और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के जरिए 80 करोड़ लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का जिक्र भी किया गया।

स्टार्टअप, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सम्मान

नवीन ने कहा कि आज देश में ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप और 125 से अधिक यूनिकॉर्न इस बदलाव के साक्षी हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय दृढ़ता का प्रतीक बताया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीएम मोदी को 35 से अधिक देशों के सर्वोच्च सम्मान मिलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्मान 140 करोड़ देशवासियों का है।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर, अयोध्या का श्रीराम मंदिर, नेशनल वॉर मेमोरियल और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को सांस्कृतिक पुनर्निर्माण के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही आयुष्मान भारत के अंतर्गत 60 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलने का भी जिक्र किया।

आगे की राह: विकसित भारत 2047

नवीन ने कहा कि जब किसी व्यक्ति की सोच 140 करोड़ लोगों का संकल्प बन जाती है, तो वह सामूहिक स्वप्न बन जाता है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व से जोड़ते हुए कहा कि 21वीं सदी का भारत निश्चित रूप से विश्व की अगुवाई करेगा। यह सभा पीएम मोदी की 25 वर्षों की यात्रा — संघर्ष से संकल्प, संकल्प से सिद्धि और जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक — की स्मृति में आयोजित की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

विरासत नहीं' का तर्क BJP की चिर-परिचित रणनीति का हिस्सा है — नेहरू-गांधी परिवार की वंश-परंपरा के विपरीत मोदी को 'आम आदमी का नेता' स्थापित करना। हालाँकि, विपक्ष के आलोचक इस दावे को चुनावी कथा का हिस्सा बताते हैं और यह भी उठाते हैं कि 2014 में मोदी खुद RSS और BJP संगठन के दशकों के समर्थन के साथ आए — जो एक अलग किस्म की 'संस्थागत विरासत' है। प्रणब मुखर्जी के 'टेक्टॉनिक शिफ्ट' वाले उद्धरण का चयन रणनीतिक है — एक विपक्षी दिग्गज की जुबान से पुष्टि अधिक प्रभाव डालती है। असली सवाल यह है कि 25 वर्षों की इस यात्रा को जब आँकड़ों से परखा जाए — रोजगार, असमानता, किसान आय — तो सरकारी दावे कितने सत्यापन की कसौटी पर खरे उतरते हैं।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'विकसित भारत संकल्प सभा' क्या है और यह कहाँ आयोजित हुई?
यह पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित BJP की एक राष्ट्रीय सभा है। इसमें देशभर के सभी जिलों से कार्यकर्ता और नागरिक जुड़े।
नितिन नवीन ने 2014 के चुनाव को विशेष क्यों बताया?
नवीन ने कहा कि 2014 से पहले किसी भी राष्ट्रीय चुनाव में प्रधानमंत्री का नाम चुनाव परिणाम के बाद तय होता था। 2014 में पहली बार मोदी को एक घोषित उम्मीदवार के रूप में सीधे जनता के सामने रखा गया और जनता ने जनादेश देकर उन्हें प्रधानमंत्री बनाया।
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2014 के चुनाव के बारे में क्या कहा था?
नवीन के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब में 2014 के चुनाव को भारतीय राजनीति का 'टेक्टॉनिक शिफ्ट' कहा था और इसे एक बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में वर्णित किया था।
मोदी सरकार की किन योजनाओं का जिक्र इस सभा में हुआ?
सभा में उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान योजना (11 करोड़ से अधिक लाभार्थी), प्रधानमंत्री आवास योजना (4 करोड़ परिवार), आयुष्मान भारत (60 करोड़ परिवार), प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (80 करोड़ लाभार्थी) और 3 करोड़ लखपति दीदियों का विशेष उल्लेख किया गया।
नितिन नवीन ने 'विकसित भारत 2047' के बारे में क्या कहा?
नवीन ने कहा कि जब किसी की सोच 140 करोड़ लोगों का संकल्प बन जाती है, तो वह सामूहिक स्वप्न बन जाता है। उन्होंने पीएम मोदी को 'विकसित भारत 2047' के सूत्रधार बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में भारत विश्व की अगुवाई करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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