मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष: स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा — 'इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखेगा यह यात्रा'
सारांश
मुख्य बातें
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक कालखंड नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, साधना और समर्पण की एक अखंड गाथा है जिसे इतिहास स्वर्ण अक्षरों में लिखेगा।
सेवा और संकल्प की अनूठी यात्रा
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, 'जनता ही मेरा परिवार है' जैसे भाव रखने वाले इस महापुरुष के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होना एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने इस यात्रा को राष्ट्र निर्माण, भारत के पुनर्जागरण और देश के आत्मविश्वास के जागरण की यात्रा बताया। उनके अनुसार, गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा आज विकसित भारत के संकल्प से लेकर वैश्विक कल्याण के संकल्प तक पहुँच चुकी है।
स्वामी जी ने कहा कि देश और दुनिया में अनेक राष्ट्राध्यक्ष और प्रधानमंत्री हुए हैं — कुछ केवल इतिहास का हिस्सा बनते हैं, जबकि कुछ इतिहास रचते हैं। उनके शब्दों में, प्रधानमंत्री मोदी दूसरी श्रेणी में आते हैं।
मुख्य उपलब्धियाँ जो बनीं पहचान
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने पिछले 25 वर्षों में हुए प्रमुख निर्णयों और पहलों का उल्लेख किया। इनमें कच्छ का पुनर्निर्माण, नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक, अनुच्छेद 370 संबंधी निर्णय, तीन तलाक विरोधी कानून, नागरिकता संशोधन कानून (CAA), नई शिक्षा नीति, आत्मनिर्भर भारत, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राम मंदिर निर्माण शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने डिजिटल इंडिया, यूपीआई, जी-20 की अध्यक्षता, ग्लोबल साउथ से जुड़े प्रयासों, तथा अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहलों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार ये सभी बदलते भारत की यात्रा के महत्वपूर्ण अध्याय हैं।
विज्ञान, अध्यात्म और विरासत का संगम
स्वामी जी ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में विज्ञान और आध्यात्मिकता, विकास और विरासत तथा तकनीक और बुनियादी ढाँचे — इन सभी क्षेत्रों में एक साथ काम हुआ है, जो सामान्यतः विरोधाभासी माने जाते थे। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को उसकी अपनी चेतना और दृष्टिकोण से देख रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पक्ष और विपक्ष से ऊपर उठकर सभी का सम्मान किया, जिसका उदाहरण पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न दिए जाने का निर्णय है।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता आत्मविश्वास
स्वामी चिदानंद सरस्वती के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने करोड़ों भारतीयों के हृदय में यह विश्वास जगाया कि भारत न केवल एक विकसित राष्ट्र बन सकता है, बल्कि विश्व को दिशा भी दे सकता है। दुनिया के अनेक युद्धों और चुनौतियों के बीच भारत ने विकास की अपनी यात्रा जारी रखी है।
परमार्थ निकेतन से मंगलकामनाएँ
गंगा तट पर स्थित परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश से अपनी शुभकामनाएँ देते हुए स्वामी जी ने प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ रहने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत का संकल्प एक दिव्य महायज्ञ है, जिसमें देश के प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। यह संकल्प विकसित, आत्मनिर्भर, संस्कारित और विश्व कल्याणकारी भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा।