27 जुलाई 2026
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स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मोदी के 12 साल के कार्यकाल को बताया भारत की वैश्विक यात्रा का ऐतिहासिक अध्याय

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स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मोदी के 12 साल के कार्यकाल को बताया भारत की वैश्विक यात्रा का ऐतिहासिक अध्याय

सारांश

परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद सरस्वती ने PM मोदी के 12 साल के कार्यकाल को भारत की वैश्विक यात्रा का स्वर्णिम अध्याय करार दिया — चंद्रयान से डिजिटल इनोवेशन तक, उनके अनुसार यह सफर 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की देन है।

मुख्य बातें

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने 10 जून को ऋषिकेश से PM मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी।
उन्होंने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों के लोकतांत्रिक विश्वास और जन-समर्थन का प्रतिफल बताया।
स्वामीजी के अनुसार, 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत ने विकास, डिजिटल इनोवेशन, विरासत संरक्षण और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए।
उन्होंने मोदी के नेतृत्व में करोड़ों गरीबों के लिए घर, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी भारतीयों से एकता और सामूहिक प्रगति की अपील की।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने 10 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने का कीर्तिमान स्थापित करने पर बधाई दी। ऋषिकेश में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल वर्षों की गिनती नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के अटूट विश्वास और लोकतांत्रिक समर्थन की अभिव्यक्ति है।

12 साल का सफर: एक ऐतिहासिक अध्याय

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 12 वर्षों का यह कार्यकाल भारत की वैश्विक यात्रा का एक ऐसा पड़ाव है, जो यह सिद्ध करता है कि दृढ़ नेतृत्व और जन-समर्थन से असंभव भी संभव हो जाता है। उनके अनुसार, 'नया भारत' उस यात्रा का प्रतीक है जिसने देश की क्षमता, संस्कृति, लोकतंत्र और नेतृत्व को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।

उन्होंने कहा, 'चाहे सूर्य नमस्कार हो या चंद्र चमत्कार — हर जगह भारत पहुँचा है।' उनके अनुसार, आज पूरी दुनिया भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में देख रही है जो अपनी जड़ों से जुड़ा है, अपनी विरासत पर गर्व करता है और भविष्य को दिशा देने में सक्षम है।

विकास के आयाम: चिप से शिप तक

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हुए बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले नेता ने करोड़ों गरीबों के लिए घर बनवाए, शौचालय बनवाए और हर घर तक पीने का पानी पहुँचाया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत 'चिप से लेकर शिप तक, सुई से लेकर सी-प्लेन तक और विज्ञान से आध्यात्मिकता तक' हर क्षेत्र में आगे बढ़ा है।

उनके अनुसार, इस कार्यकाल में विकास, विरासत संरक्षण, डिजिटल इनोवेशन, वैश्विक प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए आयाम स्थापित हुए हैं।

नेहरू-इंदिरा युग से तुलना

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि भारत ने जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के नेतृत्व के दौर देखे हैं, लेकिन वर्तमान समय में दुनिया भारत को केवल एक देश के रूप में नहीं, बल्कि एक स्पष्ट विजन, विशिष्ट पहचान और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते राष्ट्र के रूप में देख रही है।

भारतीयों से अपील

स्वामी चिदानंद सरस्वती ने सभी भारतीयों से आग्रह किया कि वे अपना दृष्टिकोण बदलें और भारत को भारत के नज़रिए से देखें। उन्होंने एकता और सामूहिक प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि यदि नागरिक आगे बढ़ेंगे, तो भारत स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ेगा। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत को दुनिया एक अनुयायी देश नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता राष्ट्र के रूप में देख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह प्रश्न छोड़ देती है कि इस अवधि में नीतिगत निरंतरता और जवाबदेही का तंत्र कितना प्रभावी रहा। नेहरू-इंदिरा युग से तुलना भावनात्मक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन यह संरचनात्मक तुलना नहीं है। असली कसौटी यह है कि 12 वर्षों की नीतियों के मापनयोग्य परिणाम — रोज़गार, असमानता, संस्थागत स्वायत्तता — किस दिशा में गए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने कौन सा रिकॉर्ड बनाया है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवारत प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित किया। यह उनके 12 वर्षों की निरंतर प्रधानमंत्री सेवा को दर्शाता है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
स्वामी चिदानंद सरस्वती ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष हैं। उन्होंने PM मोदी के इस कीर्तिमान को 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास और लोकतांत्रिक समर्थन की देन बताया तथा इस कार्यकाल को भारत की वैश्विक यात्रा का ऐतिहासिक अध्याय कहा।
स्वामी चिदानंद ने मोदी के कार्यकाल की किन उपलब्धियों का उल्लेख किया?
उन्होंने विकास, डिजिटल इनोवेशन, विरासत संरक्षण, वैश्विक प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उल्लेख किया। साथ ही गरीबों के लिए घर, शौचालय और हर घर तक पेयजल पहुँचाने जैसी बुनियादी उपलब्धियों को विशेष रूप से रेखांकित किया।
स्वामी चिदानंद ने नेहरू और इंदिरा गांधी से तुलना क्यों की?
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देने के लिए जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कार्यकालों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि वर्तमान दौर में दुनिया भारत को केवल एक देश नहीं, बल्कि विजन और आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने वाले राष्ट्र के रूप में देख रही है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने भारतीयों से क्या अपील की?
उन्होंने सभी भारतीयों से आग्रह किया कि वे अपना दृष्टिकोण बदलें और भारत को भारत के नज़रिए से देखें। उन्होंने एकजुटता और सामूहिक प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि नागरिकों की प्रगति ही देश की प्रगति है।
राष्ट्र प्रेस
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