मोदी के 4,399 दिन: रिजिजू बोले — 'सदियों में मिलते हैं ऐसे नेता, जीवन राष्ट्र को समर्पित'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित एक बौद्ध मंदिर में पूजा-अर्चना की। रिजिजू ने कहा कि मोदी का जीवन अपने आप में एक मिसाल है — उन्होंने अपने या अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि अपना जीवन राष्ट्र के नाम समर्पित किया है।
ऐतिहासिक मील का पत्थर
रिजिजू ने कहा, 'आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं। सबसे लंबा कार्यकाल पूरा करना उनके लिए बहुत सौभाग्य की बात है।' उन्होंने इस उपलब्धि को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक विशेष क्षण बताया।
विकसित भारत का संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'बड़ी बात यह है कि प्रधानमंत्री और भी लोग बने हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत ने 'विकसित राष्ट्र' बनने की ओर पहला कदम रखा है। आजादी प्राप्त करते समय भारत गरीब था। इतने सालों तक हम गरीब राष्ट्र बनकर रहे।' रिजिजू के अनुसार, 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने 'विकसित भारत' का लक्ष्य निर्धारित किया और 2047 तक भारत को 'पूर्ण विकसित राष्ट्र' बनाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
सदियों में मिलने वाला नेता
रिजिजू ने मोदी की तुलना किसी अन्य नेता से करने से इनकार करते हुए कहा, 'मैं मानता हूं कि सदियों में ऐसा नेता समाज और देश को प्राप्त होते हैं। नरेंद्र मोदी जैसी नेता और शख्सियत बार-बार किसी राष्ट्र को नहीं मिलती है।' उन्होंने यह भी कहा कि मोदी अपने लिए नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए जीते हैं।
रिजिजू ने पीएम मोदी के साथ काम करने का अनुभव साझा करते हुए कहा, '21वीं सदी में नकारात्मक शक्तियां ज्यादा हैं। सब लोग अच्छे काम को खराब या बदनाम करने के लिए लगे रहते हैं। ऐसे में भी पीएम मोदी ने हमें शुद्ध विचार और आस्था के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।'
नेहरू से तुलना पर रिजिजू का जवाब
दूसरे नेताओं से तुलना के सवाल पर रिजिजू ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री पद पर महात्मा गांधी ने नियुक्त किया था और वे सीधे चुनाव के माध्यम से प्रधानमंत्री नहीं बने थे। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के शुरुआती वर्षों में कांग्रेस के पक्ष में जबरदस्त लहर थी, फिर भी देश 'विकसित राष्ट्र' नहीं बन सका। गौरतलब है कि यह टिप्पणी विपक्षी दलों की आलोचना के संदर्भ में आई है।
12 साल की उपलब्धियाँ
रिजिजू ने सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में कनेक्टिविटी बढ़ी है, सीमावर्ती क्षेत्रों तक सड़कें और हाईवे बने हैं, हर घर तक बिजली और पानी पहुँच रहा है, घर-घर गैस कनेक्शन दिए गए हैं, लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है, राज्यों में नए एयरपोर्ट बने हैं और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि इतिहास में हमेशा के लिए लिखा जाएगा कि 'विकसित भारत' के लिए पहला कदम प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में रखा गया।