मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ा, सुकांत मजूमदार ने बूढ़ा काली मंदिर में की पूजा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को लगातार 4,399 दिनों तक देश की सेवा करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का कीर्तिमान स्थापित किया, जिससे पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का पिछला रिकॉर्ड पीछे छूट गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बालुरघाट स्थित बूढ़ा काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्य घटनाक्रम
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय राज्य मंत्री मजूमदार ने कहा कि 10 जून का दिन भारत के राजनीतिक इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा, 'हम माँ काली का आशीर्वाद लेने और यह प्रार्थना करने आए हैं कि प्रधानमंत्री स्वस्थ रहें और देश का नेतृत्व करते रहें।' मजूमदार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 'जन-विश्वास का एक नया इतिहास — लोगों का अटूट भरोसा ही प्रधानमंत्री मोदी के नए रिकॉर्ड की नींव है।'
रिकॉर्ड का महत्व
मजूमदार ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि यह केवल दिनों की गिनती नहीं, बल्कि देश के गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित सेवा का प्रमाण है। उन्होंने 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना और वैश्विक मंच पर भारत के सभ्यतागत आत्मविश्वास को मजबूत करने का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी की नेतृत्व-शैली देश को 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा रही है। गौरतलब है कि मोदी 2014 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद से सीधे देश के प्रधानमंत्री बने थे और तब से लगातार तीसरी बार इस पद पर हैं।
विपक्षी दल की प्रतिक्रिया
पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) राज्यसभा सांसद शांतनु सेन ने कहा कि 'आखिरकार, जनता ही तय करती है कि कौन उनके व्यापक हित के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है।' उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी ने अपनी काबिलियत, कार्यकुशलता, दृढ़ता और विकासवादी सोच को साबित किया है, इसीलिए जनता ने उन्हें लगातार तीसरी बार जनादेश दिया।
भाजपा की राजनीतिक स्थिति
शांतनु सेन ने यह भी उल्लेख किया कि इस समय 22 से 23 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का शासन है और लोगों का भाजपा के नेतृत्व पर भरोसा बना हुआ है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक पकड़ को और मज़बूत करने की कोशिश में है।
आगे की राह
मोदी के इस रिकॉर्ड ने भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कीर्तिमान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत की मतदाता जनता ने लगातार तीन बार एक ही नेतृत्व पर विश्वास जताया है — जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में अभूतपूर्व है।