मोदी के 12 साल के नेतृत्व पर अमेरिका में सराहना, सीनेटर कॉर्निन बोले — '4,399 दिनों का परिवर्तनकारी कार्यकाल'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर 10 जून 2026 को अमेरिका के सांसदों, उद्योगपतियों और भारतीय मूल के著名 व्यक्तित्वों ने एकस्वर में बधाई दी। इन सभी ने कहा कि मोदी के 4,399 दिनों के नेतृत्व ने भारत की वैश्विक छवि को नई ऊँचाई दी है और अमेरिका-भारत संबंधों को पहले से कहीं अधिक प्रगाढ़ बनाया है।
अमेरिकी सांसद की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सीनेटर जॉन कॉर्निन ने बधाई संदेश में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई। 4,399 दिनों का यह नेतृत्व 1.4 अरब लोगों के विश्वास और लगातार तीन लोकतांत्रिक जनादेशों का परिणाम है।" कॉर्निन ने आगे कहा, "25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने तक, मोदी का कार्यकाल वास्तव में बदलाव लाने वाला रहा है। अमेरिका और भारत के रिश्ते भी पहले कभी इतने मजबूत नहीं रहे।"
उद्योग जगत की आवाज़
इंडियन अमेरिकन सीईओ काउंसिल के सह-संस्थापक और टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अरुण अग्रवाल ने एक लेख में लिखा, "2026 का भारत, 2014 का भारत नहीं है। यह मानने से इनकार करना मुश्किल है कि आज भारत पहले की तुलना में दुनिया में अधिक मजबूत, प्रभावशाली और सम्मानित स्थिति में खड़ा है।" उन्होंने कहा कि कई दशकों तक भारत को अपार संभावनाओं वाला देश कहा जाता था, किंतु आज दुनिया उन संभावनाओं को साकार होते देख रही है। अग्रवाल के अनुसार, आने वाले समय में पिछले 12 वर्षों को भारत के तेज़ उभार और विश्व की भारत के प्रति बदलती सोच के दौर के रूप में याद किया जाएगा।
पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के चेयरमैन और सीईओ निकेश अरोड़ा ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने कहा, "25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने तक, मोदी का कार्यकाल बेहद परिवर्तनकारी रहा है। मैं अमेरिका-भारत साझेदारी को आगे और मजबूत होते देखने की उम्मीद करता हूँ।"
अमेरिकी गायिका ने बताया 'ऐतिहासिक पड़ाव'
अमेरिकी गायिका और भारत-समर्थक मैरी मिलबेन ने इस उपलब्धि को "एक महान राष्ट्र की लोकतांत्रिक यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव" बताया। उन्होंने कहा, "1.4 अरब भारतीयों की प्रगति, एकता और आकांक्षाओं के प्रति आपकी प्रतिबद्धता और एक मजबूत भारत के लिए आपका स्पष्ट विजन देश में बदलाव के इस दौर को आकार देने में महत्वपूर्ण रहा है।"
मिलबेन ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में प्रधानमंत्री की भूमिका की सराहना करते हुए कहा, "आपने कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल देखे हैं — हर परिस्थिति में आपने भारतीय जनता के हितों और दोनों देशों के रिश्तों को प्राथमिकता दी।" उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने नई पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और मातृभूमि के गौरव में योगदान देने के लिए प्रेरित किया है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार — तीनों मोर्चों पर विस्तार पा रही है। गौरतलब है कि मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और लगातार तीन आम चुनावों में जनादेश प्राप्त कर यह रिकॉर्ड बनाया है। अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक उपस्थिति के बीच इस तरह की प्रतिक्रियाएँ द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को रेखांकित करती हैं।
आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार और रक्षा सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना जताई जा रही है।