PM मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धि पर अमेरिकी सांसदों और बिज़नेस लीडर्स ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर अमेरिकी सांसदों, एक सीनेटर और शीर्ष कॉर्पोरेट अधिकारियों ने 12 जून को बधाई संदेश भेजे। भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और अमेरिका-भारत की गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करते हुए वॉशिंगटन और कॉर्पोरेट जगत दोनों ने इस अवसर पर एकजुट होकर अपनी शुभकामनाएँ दीं।
कॉर्पोरेट जगत की प्रतिक्रिया
वारबर्ग पिंकस के चेयरमैन चार्ल्स आर. के ने 10 जून को पीएम मोदी को लिखे एक पत्र में कहा कि यह उपलब्धि 'भारत के लोगों द्वारा आपके नेतृत्व में दिखाए गए भरोसे और विश्वास' को दर्शाती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत ने 'दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर अपनी स्थिति मज़बूत की है और वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरा है।'
चार्ल्स ने अपने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि आज भारत उनकी फर्म का 'दुनिया भर में दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट इक्विटी गंतव्य और एशिया में सबसे बड़ा बाज़ार' है। उन्होंने कहा, 'वारबर्ग पिंकस भारत के लगातार विकास में दीर्घकालिक साझेदार बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है।'
सिस्को के जीतू पटेल ने कहा कि मोदी सरकार ने 'डिजिटल समावेश और प्रौद्योगिकी के विकास' पर ध्यान केंद्रित कर 'भारत और दुनिया के लिए एक अधिक जुड़े हुए और मज़बूत भविष्य' की नींव रखी है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल अवसंरचना पर भारत के ज़ोर ने नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास को गति दी है और सिस्को को 'एआई के दौर में भारत का प्रौद्योगिकी साझेदार होने पर गर्व है।'
कैपिटल हिल से बधाई संदेश
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य फ्रेंच हिल ने कहा कि पीएम मोदी का कार्यकाल 'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लोगों से मिले उनके भरोसे' को प्रतिबिंबित करता है। सांसद ब्रैड शर्मन ने इस अवसर पर भारत के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका और भारत, 'दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र' होने के नाते, 'एक स्वाभाविक साझेदारी और मज़बूत रिश्ते' साझा करते हैं।
सांसद जो विल्सन ने अमेरिका-भारत संबंधों को 'आज़ाद दुनिया' की सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया और प्रधानमंत्री एवं भारत के लोगों को शुभकामनाएँ दीं। सीनेटर सिंडी हाइड-स्मिथ ने दोनों देशों के बीच 'मज़बूत व्यापारिक और आर्थिक संबंधों' की उम्मीद जताई, जबकि सांसद माइक हैरिडोपोलोस ने कहा कि 'अमेरिका-भारत साझेदारी पहले कभी इतनी अहम नहीं रही।'
अमेरिका-भारत संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह बधाई-संदेशों की लहर ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार के मोर्चों पर सहयोग नई ऊँचाइयों पर है। गौरतलब है कि भारत अब अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और दोनों देश 'क्वाड' ढाँचे के तहत इंडो-पैसिफिक में साझा हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
वारबर्ग पिंकस और सिस्को जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियों की प्रतिक्रिया यह भी दर्शाती है कि कॉर्पोरेट अमेरिका भारत को एक दीर्घकालिक निवेश गंतव्य के रूप में देख रहा है। आँकड़ों के अनुसार, भारत अब दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और शीर्ष तीन में पहुँचने की दिशा में अग्रसर है।
आगे की राह
इन बधाई संदेशों के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संवाद और गहरा होने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी विधायकों और कॉर्पोरेट जगत का यह एकजुट समर्थन भारत की वैश्विक साख को और मज़बूत करेगा तथा द्विपक्षीय निवेश प्रवाह को नई गति देगा।