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क्या नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्यूआरएटी कार्यक्रम के तहत ट्रायल सफल रहा?

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क्या नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्यूआरएटी कार्यक्रम के तहत ट्रायल सफल रहा?

सारांश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर क्यूआरएटी कार्यक्रम के तहत सफल ट्रायल ने एयरपोर्ट की तैयारी को साबित किया। जानिए इस परीक्षण में क्या हुआ और एयरपोर्ट की सुविधाओं की क्या खासियत है।

मुख्य बातें

ट्रायल ने एयरपोर्ट के सभी सिस्टम का परीक्षण किया।
कर्मचारियों ने यात्रियों की भूमिका निभाई।
सुरक्षा और तकनीकी संचालन का समुचित परीक्षण हुआ।
आधुनिक तकनीक और सुविधाएं एयरपोर्ट की पहचान हैं।
आगामी ट्रायल और प्रक्रियाएं सुनिश्चित करेंगी कि संचालन दिन पर कोई चुनौती न आए।

नोएडा, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ऑपरेशनल रेडिनेस एंड एयरपोर्ट ट्रांसफर (क्यूआरएटी) कार्यक्रम के अंतर्गत उन्नत टर्मिनल ट्रायल (एडवांस्ड टर्मिनल ट्रायल) सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह ट्रायल एयरपोर्ट की तैयारियों की वास्तविक परख थी, जिसमें सभी सिस्टम, प्रक्रियाओं और टीमों की समन्वय क्षमता का परीक्षण किया गया।

इस उन्नत ट्रायल के दौरान, कर्मचारियों ने स्वयं यात्रियों की भूमिका निभाई और एयरपोर्ट के हर संचालन चरण का अनुभव किया। कर्मचारियों ने टर्मिनल बिल्डिंग में प्रवेश से लेकर चेक-इन, सिक्योरिटी चेक, बैगेज हैंडलिंग, वेटिंग एरिया, बोर्डिंग गेट और अंत में एयरोब्रिज के माध्यम से विमान में सवार होने की प्रक्रिया का सफल सिमुलेशन किया। इस ट्रायल के दौरान, एयरपोर्ट पर फ्लाइट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम पर वास्तविक समय में उड़ानों की जानकारी प्रदर्शित की गई और अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से वास्तविक जैसी घोषणाएं की गईं।

इस ट्रायल का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि एयरपोर्ट का हर विभाग—चाहे वह सुरक्षा हो, यात्री प्रबंधन, बैगेज हैंडलिंग, एयर ट्रैफिक सपोर्ट या तकनीकी संचालन—सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। इस ट्रायल के माध्यम से, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की टीम ने यह दर्शाया कि एयरपोर्ट अपने निर्धारित समय पर संचालन आरंभ करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ट्रायल के दौरान, प्रतिभागियों ने बैगेज जमा करने से लेकर बोर्डिंग गेट तक के सफर को उसी तरह पूरा किया जैसे कोई वास्तविक यात्री करता है। सुरक्षा जांच के बाद, कर्मचारी एस्केलेटर के जरिए कोर्टयार्ड क्षेत्र तक पहुंचे, जहाँ से अनाउंसमेंट होने पर वे बोर्डिंग के लिए आगे बढ़े। इसके बाद, यात्रियों ने एयरोब्रिज के रास्ते विमान तक पहुंचने की प्रक्रिया का भी सफल परीक्षण किया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाएगा। क्यूआरएटी कार्यक्रम के तहत आयोजित यह उन्नत ट्रायल न केवल एयरपोर्ट की संचालन क्षमता को प्रमाणित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एयरपोर्ट विश्वस्तरीय मानकों पर यात्रियों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले हफ्तों में अन्य चरणों के भी ट्रायल किए जाएंगे ताकि हर सिस्टम को पूर्ण रूप से परखा जा सके और संचालन के दिन किसी भी प्रकार की चुनौती न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एयरपोर्ट की संचालन क्षमता को प्रमाणित करता है। यह ट्रायल न केवल तकनीकी दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यात्रियों के अनुभव को भी बेहतर बनाने की दिशा में एक अनिवार्य प्रक्रिया है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यूआरएटी कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
क्यूआरएटी कार्यक्रम का उद्देश्य एयरपोर्ट की सभी प्रक्रियाओं और सिस्टम की क्षमता का परीक्षण करना है।
क्या यह ट्रायल सफल रहा?
जी हाँ, यह ट्रायल सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ और एयरपोर्ट की तैयारियों को प्रमाणित किया।
राष्ट्र प्रेस
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