नोएडा पुलिस मुठभेड़: सेक्टर-63 में कुख्यात बदमाश शिवम राजपूत गिरफ्तार, NCR में 16 मुकदमे दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-63 के गढ़ी गोल चक्कर के पास देर रात मुठभेड़ के बाद कुख्यात अपराधी शिवम उर्फ शुभम राजपूत (28) को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नोएडा और दिल्ली के विभिन्न थानों में कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली लगने से घायल आरोपी को फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
सेक्टर-63 थाने की पुलिस टीम देर रात गढ़ी गोल चक्कर के निकट वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की बाइक वहाँ पहुँची और सवार ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की। पुलिस ने तत्काल पीछा किया, जिसके दौरान आरोपी की बाइक फिसलकर गिर गई।
पुलिस के बयान के अनुसार, घिरने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायर किया, जिससे शिवम राजपूत घायल होकर मौके पर ही गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
बरामदगी और आपराधिक पृष्ठभूमि
घटनास्थल से पुलिस ने एक चोरी की बाइक, एक .315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए। आरोपी सेक्टर-63 के आश्रम क्षेत्र का निवासी बताया गया है।
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया, तो पता चला कि उसके विरुद्ध NCR क्षेत्र में करीब डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। यह रिकॉर्ड उसे इस क्षेत्र के सक्रिय और संगठित अपराधियों की श्रेणी में रखता है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सेंट्रल नोएडा एडीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि घायल अवस्था में आरोपी को तत्काल अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है और मामले की पूरी जाँच जारी है। गौरतलब है कि बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना और अवैध हथियार रखना दोनों ही गंभीर अपराध हैं, जो इस गिरफ्तारी की प्रासंगिकता और बढ़ा देते हैं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा-दिल्ली NCR क्षेत्र में संगठित अपराध और वाहन चोरी के मामलों को लेकर पुलिस की सतर्कता बढ़ाई गई है। 16 मुकदमों वाले किसी आरोपी की गिरफ्तारी से स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार, इस तरह के नियमित चेकिंग अभियान अपराध नियंत्रण में कारगर साबित हो रहे हैं।
क्या होगा आगे
फिलहाल शिवम उर्फ शुभम राजपूत अस्पताल में उपचाराधीन है और स्वास्थ्य लाभ के बाद उसे विधिवत न्यायिक हिरासत में लिया जाएगा। जाँच एजेंसियाँ उसके आपराधिक नेटवर्क और चोरी की बाइक के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी कड़ियाँ सामने आ सकती हैं।