भीषण गर्मी का कहर: ओडिशा में मुख्यमंत्री की जन शिकायत सुनवाई स्थगित, झारसुगुडा में 43.8°C

Click to start listening
भीषण गर्मी का कहर: ओडिशा में मुख्यमंत्री की जन शिकायत सुनवाई स्थगित, झारसुगुडा में 43.8°C

सारांश

ओडिशा में भीषण गर्मी के कारण CM माझी की जन शिकायत सुनवाई स्थगित। झारसुगुडा में 43.8°C तापमान दर्ज, स्कूलों में जल्दी गर्मी की छुट्टी और जनगणना कार्य भी दोपहर में बंद। IMD के अनुसार 2-4°C राहत जल्द संभव।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की सोमवार, 28 अप्रैल को निर्धारित जन शिकायत सुनवाई भीषण गर्मी के कारण स्थगित कर दी गई।
  • झारसुगुडा में रविवार दोपहर 2:30 बजे तापमान 43.8°C दर्ज हुआ — राज्य में सर्वाधिक।
  • पहले से पंजीकृत आवेदकों को दोबारा पंजीकरण की आवश्यकता नहीं; नई तिथि समाचार पत्रों से सूचित होगी।
  • IMD के अनुसार 2-3 दिन बाद तापमान में 2-4°C की गिरावट संभव।
  • 27 अप्रैल से ओडिशा के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश जल्दी शुरू किया गया।
  • लू से बचाव के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जनगणना कार्य भी रोका गया।

भुवनेश्वर, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के चलते राज्य सरकार ने सोमवार, 28 अप्रैल को निर्धारित मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की जन शिकायत सुनवाई को स्थगित कर दिया है। ओडिशा के सामान्य प्रशासन एवं जन शिकायत (जीए एवं पीजी) विभाग ने रविवार को आधिकारिक वक्तव्य जारी कर यह जानकारी दी। राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाने के कारण यह निर्णय लिया गया।

जन शिकायत सुनवाई स्थगन — क्या है पूरा मामला?

जीए एवं पीजी विभाग ने स्पष्ट किया कि जिन आवेदकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री के समक्ष व्यक्तिगत रूप से अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, उन्हें दोबारा पंजीकरण की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

विभाग ने कहा कि भुवनेश्वर में अगली शिकायत सुनवाई की नई तिथि की जानकारी संबंधित आवेदकों को समाचार पत्रों के माध्यम से दी जाएगी। इस प्रकार पंजीकृत आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।

ओडिशा में लू का प्रकोप — तापमान के आंकड़े

राज्य में भीषण लू का दौर जारी है। रविवार को दोपहर 2:30 बजे झारसुगुडा में तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य का सर्वाधिक दिन का तापमान रहा।

इसके बाद संबलपुर में 42.8°C, राउरकेला में 42.6°C और हीराकुड में 42.4°C तापमान दर्ज किया गया। राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में पारा 34.4°C रहा, जबकि क्योंझर में 39.6°C, चांदबली में 36.4°C और बालासोर में 34.8°C तापमान दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

भुवनेश्वर स्थित भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। हालांकि, उसके बाद ओडिशा के विभिन्न जिलों में पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है।

सुबह 11 बजे के बाद राज्य भर की सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं, क्योंकि लोग भीषण गर्मी से बचने के लिए घरों के भीतर रहना पसंद कर रहे हैं।

सरकार के अन्य बड़े फैसले

लू की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को ही घोषणा कर दी थी कि 27 अप्रैल से राज्य के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश जल्दी शुरू किया जाएगा।

इसके अलावा, लू लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने जनगणना कर्मियों की सुरक्षा हेतु सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच जनगणना कार्य को भी अस्थायी रूप से रोक दिया है।

व्यापक संदर्भ और प्रभाव विश्लेषण

यह उल्लेखनीय है कि ओडिशा हर वर्ष अप्रैल-मई में भीषण गर्मी का सामना करता है, लेकिन इस बार झारसुगुडा जैसे औद्योगिक शहरों में तापमान सामान्य से कहीं अधिक है। झारसुगुडा एल्युमिनियम और ऊर्जा उद्योगों का केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक खुले में कार्य करते हैं — ऐसे में लू का खतरा श्रमिक वर्ग के लिए विशेष रूप से गंभीर है।

जन शिकायत सुनवाई का स्थगन सीधे तौर पर उन हजारों आवेदकों को प्रभावित करता है जो दूर-दराज से भुवनेश्वर आने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि सरकार का यह कदम जन सुरक्षा की दृष्टि से सराहनीय है, आलोचकों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए ऑनलाइन शिकायत सुनवाई की व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जाना चाहिए।

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों बाद राहत मिलने की उम्मीद है, और संभावना है कि मई के पहले सप्ताह में नई तिथि घोषित की जाएगी।

Point of View

लेकिन यह घटना एक बड़े सवाल को उजागर करती है — क्या भारत के राज्य सरकारें अभी भी जलवायु परिवर्तन के अनुकूल शासन प्रणाली विकसित करने में पीछे हैं? जब हर साल अप्रैल-मई में यही स्थिति बनती है, तो जन सुनवाई जैसी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन स्थायी रूप से क्यों नहीं किया जाता? झारसुगुडा जैसे औद्योगिक शहरों में श्रमिकों की सुरक्षा का सवाल भी उतना ही जरूरी है जितना कि स्कूल बंद करना। असली परीक्षा यह है कि क्या सरकार इस साल की गर्मी से सबक लेकर दीर्घकालिक हीटवेव एक्शन प्लान बनाएगी, या अगले साल फिर यही आपातकालीन घोषणाएं होंगी।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

ओडिशा में मुख्यमंत्री की जन शिकायत सुनवाई क्यों स्थगित की गई?
ओडिशा में भीषण गर्मी और लू के कारण सोमवार को होने वाली मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की जन शिकायत सुनवाई स्थगित की गई। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40°C से ऊपर पहुंच गया था, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा था।
क्या पंजीकृत आवेदकों को दोबारा पंजीकरण कराना होगा?
नहीं, जिन आवेदकों ने सोमवार की सुनवाई के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, उन्हें दोबारा पंजीकरण की जरूरत नहीं है। अगली सुनवाई की तिथि समाचार पत्रों के माध्यम से सूचित की जाएगी।
ओडिशा में सबसे अधिक तापमान कहाँ दर्ज किया गया?
रविवार को झारसुगुडा में सर्वाधिक 43.8°C तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके बाद संबलपुर में 42.8°C और राउरकेला में 42.6°C तापमान रहा।
ओडिशा में गर्मी से राहत कब मिलेगी?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले 2-3 दिन तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उसके बाद ओडिशा के जिलों में पारा 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है।
ओडिशा सरकार ने गर्मी से बचाव के लिए और क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री माझी ने 27 अप्रैल से स्कूलों में जल्दी ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। साथ ही सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच जनगणना कार्य भी रोक दिया गया है।
Nation Press