ओडिशा: आदिवासी युवक बहन का कंकाल लेकर पहुँचा बैंक, BJD-कांग्रेस ने सरकार को घेरा, बैंक ने उत्पीड़न से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के केन्दुझर (क्योंझर) जिले में 27 अप्रैल 2025 को एक अभूतपूर्व और स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई, जब जीतू मुंडा नामक एक आदिवासी युवक अपनी मृत बहन कलारा मुंडा का सड़ा-गला शव एक बैग में रखकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लिपोसी शाखा में पहुँच गया और बहन के खाते से पैसे निकालने की माँग करने लगा। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और राज्य की सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ राजनीतिक घमासान शुरू हो गया।
घटनाक्रम: बैंक में क्या हुआ
ओडिशा ग्रामीण बैंक ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस बयान में पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया। बैंक के अनुसार, 27 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे जीतू मुंडा नशे की हालत में मल्लिपोसी शाखा में आया और अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से पैसे निकालने की माँग करने लगा। शाखा प्रबंधक ने उसे स्पष्ट किया कि खाताधारक की अनुपस्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को पैसे नहीं दिए जा सकते।
जब बहन के बारे में पूछा गया, तो जीतू मुंडा ने पहले कहा कि वह कोमा में है और बैंक आने में असमर्थ है। इस पर प्रबंधक ने समझाया कि ऐसी स्थिति में खाताधारक की सहमति के बिना निकासी संभव नहीं है, और यदि कोई अनहोनी हो जाए तो मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर बैंक के नियमों के अनुसार खाते का निपटारा किया जाएगा।
बैंक के बयान के अनुसार, इसके बाद जीतू मुंडा बैंक से बाहर निकल गया और कुछ देर बाद एक बैग में सड़ी-गली लाश लेकर वापस आया तथा उसे बैंक के सामने रख दिया। उसने दावा किया कि यह उसकी बहन का शव है और उसके खाते से पैसे निकालने की माँग दोहराई।
बैंक का पक्ष: उत्पीड़न के आरोपों से इनकार
ओडिशा ग्रामीण बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि शाखा के किसी भी कर्मचारी ने जीतू मुंडा के साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया। बैंक का कहना है कि प्रबंधक ने नियमों के तहत सही प्रक्रिया का पालन किया और युवक को विनम्रता से समझाने का प्रयास किया। बैंक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि खाताधारक की जगह किसी अन्य को राशि देना बैंकिंग नियमों का उल्लंघन होता।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: BJD और कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इस घटना ने ओडिशा की राजनीति में तूफान ला दिया। बीजू जनता दल (BJD) ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर लिखा,