ओडिशा: आदिवासी युवक बहन का कंकाल लेकर पहुँचा बैंक, BJD-कांग्रेस ने सरकार को घेरा, बैंक ने उत्पीड़न से किया इनकार

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ओडिशा: आदिवासी युवक बहन का कंकाल लेकर पहुँचा बैंक, BJD-कांग्रेस ने सरकार को घेरा, बैंक ने उत्पीड़न से किया इनकार

सारांश

ओडिशा के केन्दुझर जिले में एक आदिवासी युवक द्वारा मृत बहन का शव बैंक में लाने की घटना ने देश को झकझोर दिया। BJD और कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा, जबकि ओडिशा ग्रामीण बैंक ने उत्पीड़न के आरोपों को खारिज करते हुए पूरा घटनाक्रम सार्वजनिक किया।

Key Takeaways

  • जीतू मुंडा नामक आदिवासी युवक 27 अप्रैल 2025 को मृत बहन कलारा मुंडा का शव बैग में लेकर मल्लिपोसी शाखा पहुँचा।
  • ओडिशा ग्रामीण बैंक ने उत्पीड़न के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैंकिंग नियमों का पालन किया गया।
  • BJD ने घटना को 'क्रूरता की सारी हदें पार करने वाला' बताया और मुख्यमंत्री के जिले में हुई इस घटना पर सवाल उठाए।
  • ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने बैंक अधिकारियों के उत्पीड़न को बंद करने की माँग की।
  • बैंक के अनुसार युवक नशे की हालत में आया था और शाखा प्रबंधक ने उसे नियमों की जानकारी दी थी।

ओडिशा के केन्दुझर (क्योंझर) जिले में 27 अप्रैल 2025 को एक अभूतपूर्व और स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई, जब जीतू मुंडा नामक एक आदिवासी युवक अपनी मृत बहन कलारा मुंडा का सड़ा-गला शव एक बैग में रखकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लिपोसी शाखा में पहुँच गया और बहन के खाते से पैसे निकालने की माँग करने लगा। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया और राज्य की सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ राजनीतिक घमासान शुरू हो गया।

घटनाक्रम: बैंक में क्या हुआ

ओडिशा ग्रामीण बैंक ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस बयान में पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया। बैंक के अनुसार, 27 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे जीतू मुंडा नशे की हालत में मल्लिपोसी शाखा में आया और अपनी बहन कलारा मुंडा के खाते से पैसे निकालने की माँग करने लगा। शाखा प्रबंधक ने उसे स्पष्ट किया कि खाताधारक की अनुपस्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को पैसे नहीं दिए जा सकते।

जब बहन के बारे में पूछा गया, तो जीतू मुंडा ने पहले कहा कि वह कोमा में है और बैंक आने में असमर्थ है। इस पर प्रबंधक ने समझाया कि ऐसी स्थिति में खाताधारक की सहमति के बिना निकासी संभव नहीं है, और यदि कोई अनहोनी हो जाए तो मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर बैंक के नियमों के अनुसार खाते का निपटारा किया जाएगा।

बैंक के बयान के अनुसार, इसके बाद जीतू मुंडा बैंक से बाहर निकल गया और कुछ देर बाद एक बैग में सड़ी-गली लाश लेकर वापस आया तथा उसे बैंक के सामने रख दिया। उसने दावा किया कि यह उसकी बहन का शव है और उसके खाते से पैसे निकालने की माँग दोहराई।

बैंक का पक्ष: उत्पीड़न के आरोपों से इनकार

ओडिशा ग्रामीण बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि शाखा के किसी भी कर्मचारी ने जीतू मुंडा के साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न नहीं किया। बैंक का कहना है कि प्रबंधक ने नियमों के तहत सही प्रक्रिया का पालन किया और युवक को विनम्रता से समझाने का प्रयास किया। बैंक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि खाताधारक की जगह किसी अन्य को राशि देना बैंकिंग नियमों का उल्लंघन होता।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: BJD और कांग्रेस ने सरकार को घेरा

इस घटना ने ओडिशा की राजनीति में तूफान ला दिया। बीजू जनता दल (BJD) ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर लिखा,

Point of View

लेकिन सवाल यह है कि क्या बैंकिंग तंत्र में इतनी संवेदनशीलता है कि वह ऐसे हाशिये पर खड़े परिवारों की परिस्थितियों को समझ सके। BJD और कांग्रेस का आक्रोश राजनीतिक अवसरवाद हो सकता है, लेकिन इस घटना ने एक असुविधाजनक सवाल खड़ा किया है — क्या आदिवासी क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच और प्रक्रियागत जागरूकता पर्याप्त है? जब तक इस पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
NationPress
29/04/2026

Frequently Asked Questions

ओडिशा के बैंक में कंकाल लाने की घटना क्या है?
27 अप्रैल 2025 को ओडिशा के केन्दुझर जिले में जीतू मुंडा नामक आदिवासी युवक अपनी मृत बहन कलारा मुंडा का सड़ा-गला शव बैग में रखकर ओडिशा ग्रामीण बैंक की मल्लिपोसी शाखा में पहुँचा और बहन के खाते से पैसे निकालने की माँग की। बैंक ने नियमों का हवाला देते हुए पैसे देने से इनकार किया था।
ओडिशा ग्रामीण बैंक ने उत्पीड़न के आरोपों पर क्या कहा?
ओडिशा ग्रामीण बैंक ने आधिकारिक बयान में किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से इनकार किया। बैंक के अनुसार शाखा प्रबंधक ने बैंकिंग नियमों के तहत सही प्रक्रिया का पालन किया और युवक को विनम्रता से समझाने का प्रयास किया।
BJD और कांग्रेस ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
बीजू जनता दल (BJD) ने इसे 'क्रूरता की सारी हदें पार करने वाला' बताया और कहा कि मुख्यमंत्री के अपने जिले में किसी ने भी गुहार पर ध्यान नहीं दिया। ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने बैंक अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न बंद करने की माँग की।
जीतू मुंडा ने बैंक में शव क्यों लाया?
बैंक के बयान के अनुसार, जीतू मुंडा पहले अपनी बहन की ओर से पैसे निकालने आया था, लेकिन नियमों के कारण उसे मना कर दिया गया। इसके बाद वह बहन का शव लेकर आया ताकि मृत्यु को प्रमाणित कर सके और खाते का निपटारा करवा सके।
इस घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई?
अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ओडिशा ग्रामीण बैंक ने स्पष्टीकरण जारी किया है। राजनीतिक दलों ने सरकार से जवाब माँगा है, हालाँकि राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
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