पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: सुरक्षा के लिए 2.4 लाख अर्धसैनिक जवानों की तैनाती, सख्त निगरानी का इंतज़ाम
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में 2.4 लाख अर्धसैनिक जवानों की तैनाती।
- महिला सुरक्षाकर्मियों की रिकॉर्ड संख्या।
- चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे।
- मतगणना 4 मई को।
- सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।
कोलकाता, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा प्रबंधों को अत्यधिक सख्त किया गया है। राज्य में अर्धसैनिक बलों की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती की गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संचालित किया जा सके।
राज्य में लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों के जवान तैनात किए गए हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 2,40,000 है। यह तैनाती पिछले चुनावों की तुलना में दोगुनी से अधिक है, जो प्रशासन की सुरक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाती है।
इस बार महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड संख्या में तैनाती की गई है। जानकारी के अनुसार, लगभग 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, मतलब 200 कंपनियां, चुनाव ड्यूटी पर तैनात की गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न एजेंसियों, जिनमें चुनाव आयोग भी शामिल है, ने गृह मंत्रालय को महिला सुरक्षाकर्मियों की अधिक आवश्यकता के बारे में सूचित किया था। इसके परिणामस्वरूप, इस स्तर पर महिला बलों की तैनाती का निर्णय लिया गया।
चुनाव कार्यक्रम की बात करें तो पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर मतदान केवल दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरा चरण 29 अप्रैल को बाकी 142 सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा। मतगणना और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
यह ध्यान देने योग्य है कि इस बार 2021 की तुलना में चुनाव कम चरणों में हो रहे हैं, जिससे मतदाताओं और प्रशासन दोनों को सुविधा होगी। राज्य में आचार संहिता भी लागू हो चुकी है और चुनाव आयोग हर स्तर पर निगरानी बनाए हुए है।
ज्ञात हो कि 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की घटना की जांच का आदेश दिया। यहां, एसआईआर के लिए तैनात सात न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से कालियाचौक के एक बीडीओ ऑफिस में कई घंटों तक बंधक बना कर रखा गया था।