क्या सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026: पटना के खाजपुरा शिव मंदिर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा, सम्राट चौधरी शामिल होंगे?
सारांश
Key Takeaways
- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 को होगा।
- उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति सुनिश्चित है।
- 1000 दीप जलाए जाएंगे, जिससे परिसर जगमगाएगा।
- यह पर्व सांस्कृतिक गौरव को स्मरण करने का अवसर है।
- यह आयोजन हमारे इतिहास को मान्यता देने का प्रतीक है।
पटना, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अपने गौरवशाली इतिहास, आस्था और आत्म-सम्मान को पुनः स्मरण करते हुए 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-2026' का एक राष्ट्रीय अभियान आरंभ किया गया है। इसी श्रृंखला में शनिवार को पटना के खाजपुरा शिव मंदिर में एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
बिहार भाजपा कार्यालय द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 10 जनवरी 2026 को शाम 5:00 बजे खाजपुरा शिव मंदिर परिसर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में पूरे परिसर में 1000 दीप जलाए जाएंगे। दीपोत्सव कार्यक्रम का नेतृत्व श्री श्री महाशिवरात्रि महोत्सव शोभा यात्रा अभिनंदन समिति के संरक्षक और विधायक डॉ. संजीव चौरसिया करेंगे।
इस भव्य आयोजन में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति भी होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आसपास के क्षेत्र के निवासियों के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम के दौरान खाजपुरा शिव मंदिर परिसर को पूरी तरह सजाया जाएगा और 1000 दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगाएगा, जिससे एक दिव्य और धार्मिक माहौल का अनुभव होगा। आयोजक समिति का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक नहीं है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव को याद करने का एक अवसर भी है।
यह ध्यान देने योग्य है कि वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1000वीं वर्षगांठ पर इस वर्ष 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया जा रहा है। इसके अलावा, 2026 में इस ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने से इस पर्व का विशेष महत्व और बढ़ गया है। इस खास अवसर पर न केवल सोमनाथ मंदिर में, बल्कि देश के अन्य मंदिरों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
यह पर्व उन वीरों की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करते रहेंगे।