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पवन हंस का हेलीकॉप्टर समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी सात यात्री सुरक्षित

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पवन हंस का हेलीकॉप्टर समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी सात यात्री सुरक्षित

सारांश

पोर्ट ब्लेयर में पवन हंस के हेलीकॉप्टर ने तकनीकी समस्या के कारण समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग की। सभी 7 यात्री सुरक्षित हैं। यह घटना एक दिन पहले झारखंड में हुई भयानक विमान दुर्घटना के बाद हुई है।

मुख्य बातें

पवन हंस का हेलीकॉप्टर तकनीकी समस्या के कारण समुद्र में उतरा।
सभी 7 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
यह घटना झारखंड में हुई विमान दुर्घटना के एक दिन बाद हुई।
नागरिक उड्डयन की सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।
हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग सफल रही।

पोर्ट ब्लेयर, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार सुबह अंडमान-निकोबार में एक बड़ा विमान हादसा टल गया, जब पवन हंस के एक हेलीकॉप्टर को उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

यह घटना श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) से उड़ान भरने के बाद हुई, जो मध्य अंडमान द्वीप के उत्तरी हिस्से में है। इस हेलीकॉप्टर में कुल सात लोग सवार थे, और राहत की बात यह है कि सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया, किसी को भी चोट नहीं आई।

कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 9:30 बजे हुई। उन्होंने इसे मायाबंदर के निकट 'शॉर्ट लैंडिंग' की संज्ञा दी। हेलीकॉप्टर में दो क्रू सदस्यों और पांच यात्रियों का समावेश था। लैंडिंग से पहले तकनीकी समस्या के कारण विमान समुद्र में रनवे से लगभग 300 मीटर पहले उतर गया।

अधिकारियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर को सुरक्षित रूप से उतारा गया और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन आरंभ किया गया। सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

यह घटना उस समय हुई जब एक दिन पहले झारखंड के चतरा में एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में सात लोगों की जान गई थी। सोमवार शाम को रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित एक एयर एम्बुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। यह विमान रांची से दिल्ली जा रहा था और सिमरिया क्षेत्र के वन इलाके में गिर गया।

मृतकों में कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, संजय कुमार, अर्चना देवी और धुरु कुमार शामिल हैं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार, विमान ने शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी थी। 7:34 बजे कोलकाता से संपर्क हुआ, लेकिन वाराणसी के दक्षिण-पूर्व में लगभग 100 नॉटिकल मील की दूरी पर विमान का संपर्क और रडार सिग्नल दोनों टूट गए।

फिलहाल, दोनों घटनाओं की जांच चल रही है और विमानन सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें विमानन सुरक्षा मानकों की समीक्षा और सुधार की आवश्यकता है। सभी यात्रियों की सुरक्षित निकासी एक सकारात्मक पहलू है, लेकिन इसके पीछे की वजहों की जांच होना जरूरी है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सभी यात्री सुरक्षित हैं?
जी हां, सभी 7 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।
इस घटना का कारण क्या था?
इस घटना का कारण तकनीकी दिक्कत बताई जा रही है।
क्या यह पहली बार हुआ है?
इस प्रकार की घटनाएँ दुर्लभ हैं, लेकिन यह पहली बार नहीं है।
क्या किसी के घायल होने की सूचना है?
नहीं, किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
क्या जांच चल रही है?
जी हां, दोनों घटनाओं की जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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