क्या पीएम मोदी ने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के 15 संकल्पों की बात की?

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क्या पीएम मोदी ने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के 15 संकल्पों की बात की?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से 15 महत्वपूर्ण संकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने ऊर्जा आत्मनिर्भरता, युवाओं की भागीदारी, और देश के विकास के लिए आवश्यक उपायों पर जोर दिया। जानें उनके संबोधन की प्रमुख बातें और भारत के भविष्य के लिए उनकी दृष्टि।

मुख्य बातें

140 करोड़ संकल्पों का महापर्व मनाया गया।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।
मिशन सुदर्शन चक्र का संकल्प लिया गया।
भाषा विकास पर बल दिया गया।

नई दिल्ली, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। स्वतंत्रता दिवस के इस विशेष अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र के विकास, सुरक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और युवाओं के भविष्य से संबंधित 15 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी का यह महापर्व 140 करोड़ संकल्पों का महापर्व है और सभी नागरिकों को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।

आईए, प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की 15 मुख्य बातों पर एक नजर डालते हैं।

140 करोड़ संकल्पों का पर्व – पीएम मोदी ने आजादी के इस दिन को 140 करोड़ देशवासियों के संकल्पों का महापर्व बताया।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता – पीएम मोदी ने बताया कि 11 साल में सोलर एनर्जी 30 गुना बढ़ी, हाइड्रोपावर और ग्रीन हाइड्रोजन में निवेश, 10 नए परमाणु रिएक्टर कार्यरत, 2047 तक न्यूक्लियर क्षमता 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य।

क्रिटिकल मिनरल मिशन – पीएम मोदी ने बताया कि रक्षा, तकनीक और चिकित्सा के लिए आवश्यक खनिजों में आत्मनिर्भरता के लिए 1,200 से अधिक स्थानों पर खोज जारी है।

भारत का अपना स्पेस स्टेशन – पीएम मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत का स्पेस स्टेशन होगा और मेड इन इंडिया जेट इंजन बनाने का आह्वान किया।

ऑपरेशन सिंदूर की सराहना – भारत की सैन्य कार्रवाई की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सेना को खुली छूट मिली। दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर आतंकवादी ठिकाने नष्ट किए और पाकिस्तान की नींद उड़ाई।

क्लीन एनर्जी का लक्ष्य समय से पहले हासिल - पीएम मोदी ने दावा किया कि 2030 का लक्ष्य 2025 में ही पूरा हो गया, और समुद्र मंथन मिशन से तेल और गैस भंडार की खोज जारी है।

युवाओं से आह्वान – पीएम मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं से हर पल का सदुपयोग करने और नए नियम और नीतियों के सुझाव देने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने रिसर्च और पेटेंट में योगदान देने पर जोर दिया।

फर्टिलाइजर में आत्मनिर्भरता – पीएम मोदी ने देश के उद्योग जगत और युवाओं से अपना फर्टिलाइजर बनाने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने विदेश निर्भरता खत्म करने का लक्ष्य रखा।

मिशन सुदर्शन चक्र – अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने युद्ध तकनीक के विस्तार के साथ देश की सुरक्षा को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

भाषाओं का विकास – पीएम मोदी ने सभी भारतीय भाषाओं को आगे बढ़ाने और ज्ञान-विज्ञान में योगदान के लिए भाषा विकास पर जोर दिया।

मोटापे पर चेतावनी – मोटापे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मोटापा बढ़ता संकट है; हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित हो सकता है; तेल के उपयोग में 10 फीसदी कमी का सुझाव।

पिछड़े क्षेत्रों का विकास – पूर्वी भारत सहित पिछड़े जिलों और ब्लॉकों के लिए विशेष विकास योजनाएं।

मजबूत अर्थव्यवस्था - महंगाई नियंत्रण में, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत, वैश्विक एजेंसियों से भारत की सराहना।

जीएसटी रिफॉर्म - पीएम मोदी ने कहा कि इस दिवाली नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू होंगे, एमएसएमई सेक्टर को विशेष लाभ।

सिंधु समझौते पर रुख – पीएम मोदी ने कहा कि भारत के हक के पानी का उपयोग देश के किसानों के लिए है। उन्होंने यह भी कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत के भविष्य और आत्मनिर्भरता के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उनकी बातें न केवल युवाओं को प्रेरित करती हैं, बल्कि देश को एक नई दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर किन 15 संकल्पों की बात की?
प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, ऊर्जा, और युवाओं के विकास से जुड़े 15 संकल्पों की चर्चा की।
क्या भारत में अपना स्पेस स्टेशन होगा?
जी हां, पीएम मोदी ने 2047 तक भारत का अपना स्पेस स्टेशन बनाने की योजना की बात की।
मोटापे से संबंधित पीएम मोदी की चेतावनी क्या थी?
पीएम मोदी ने कहा कि मोटापा एक बढ़ता संकट है और इसके प्रभाव से हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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