पंजाब में 102 नगर परिषदों के अध्यक्ष और 9 नगर निगमों के महापौरों को हटाया गया

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पंजाब में 102 नगर परिषदों के अध्यक्ष और 9 नगर निगमों के महापौरों को हटाया गया

सारांश

पंजाब सरकार ने चुनाव में देरी के चलते 102 नगर परिषदों के अध्यक्षों और 9 नगर निगमों के महापौरों को हटा दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों को नियुक्त कर दिया गया है, जो चुनाव तक कार्यों की देखरेख करेंगे। जानिए इस निर्णय के पीछे का कारण और इसका स्थानीय निकायों पर प्रभाव।

Key Takeaways

  • चुनाव में देरी के कारण नगर परिषदों के अध्यक्षों और महापौरों को हटाया गया।
  • प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
  • स्थानीय प्रशासनिक कार्यों की स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाया गया।
  • नगर निगमों का कार्यकाल 5 अप्रैल से 17 जून के बीच समाप्त हो रहा है।
  • कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं।

चंडीगढ़, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार ने चुनावों में देरी के कारण राज्य की 102 नगर परिषदों के अध्यक्षों और नौ नगर निगमों के महापौरों को असामान्य स्थिति में हटा दिया है। इन स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करेंगे। आज से ही ये अधिकारी नगर परिषद और नगर निगम के कार्यों को संभालना प्रारंभ कर देंगे।

पंजाब सरकार ने नगर परिषदों और नगर निगमों के कार्यकाल से संबंधित आदेश जारी किए हैं। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पंजाब नगर पालिका अधिनियम, 1911 और पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के तहत राज्यपाल ने अस्थायी रूप से उपयुक्त अधिकारियों को नगर पालिकाओं और नगर निगमों के सभी अधिकारों एवं कर्तव्यों का पालन करने के लिए नियुक्त किया है।

जारी आदेश के अनुसार, नगर पालिकाओं का कार्यकाल 5 अप्रैल से 17 जून के बीच समाप्त हो रहा है। हालांकि, राज्यपाल का मानना है कि इन नगर पालिकाओं के चुनाव कार्यकाल की समाप्ति से पहले कराना संभव नहीं है। इसलिए, राज्यपाल ने इन अधिकारियों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के अगले दिन से लेकर पुनर्गठित होने तक सभी प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार दिया है।

अबोहर नगर निगम का कार्यकाल 8 अप्रैल, एसएएस नगर, होशियारपुर, बठिंडा का 11 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बटाला नगर निगम का 18 अप्रैल, बरनाला 14 अप्रैल, पठानकोट 28 अप्रैल, मोगा 12 मई 2026, कपूरथला 6 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इन सभी नगर निगमों के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं।

इन अधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य नगर पालिकाओं और नगर निगमों की कार्यवाही को सुचारू और प्रभावी बनाना है, ताकि स्थानीय प्रशासनिक कार्य में कोई बाधा न आए। इस निर्णय से स्थानीय निकायों में संचालन की स्थिरता बनी रहेगी और नागरिकों को नियमित सेवाएं उपलब्ध होती रहेंगी।

Point of View

इसलिए यह कदम उठाना आवश्यक था। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार स्थानीय प्रशासन को बाधित नहीं होने देना चाहती।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या कारण है नगर परिषदों के अध्यक्षों और महापौरों को हटाने का?
चुनावों में देरी के कारण पंजाब सरकार ने अस्थायी प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की है।
कब तक ये प्रशासनिक अधिकारी कार्य करेंगे?
ये अधिकारी चुनाव होने तक नगर परिषदों और नगर निगमों के कार्यों की देखरेख करेंगे।
अधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य क्या है?
स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कब समाप्त हो रहा है नगर निगमों का कार्यकाल?
नगर निगमों का कार्यकाल 5 अप्रैल से 17 जून के बीच समाप्त हो रहा है।
नगर निगमों के लिए कमिश्नर कब नियुक्त किए गए?
नवीनतम आदेश के तहत सभी नगर निगमों के लिए कमिश्नर नियुक्त किए गए हैं।
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