पंजाब में 27 किलो हेरोइन और विदेशी पिस्तौल के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, ड्रोन से हुई थी तस्करी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई), अमृतसर ने 16 सितंबर 2026 को सीमा पार संचालित एक तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 27 किलो हेरोइन, एक विदेश निर्मित अत्याधुनिक पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद किए गए। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को दी।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान विशाल सिंह उर्फ शालू, मनप्रीत सिंह उर्फ सनी, स्मार्टप्रीत सिंह (तीनों अमृतसर के निवासी) और करण सिंह (तरनतारन का निवासी) के रूप में हुई है। हेरोइन और हथियारों के अलावा पुलिस ने आरोपियों की मोटरसाइकिल और कार भी जब्त की, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर तस्करी के लिए किया जा रहा था।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
डीजीपी यादव ने बताया कि सीआई अमृतसर की टीमों को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि ये संदिग्ध अटारी स्थित भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र से ड्रोन के माध्यम से गिराई गई हेरोइन और हथियारों की एक बड़ी खेप हासिल कर चुके हैं। आरोपियों को यह खेप अमृतसर के अड्डा खासा के समीप किसी अन्य पक्ष को पहुँचानी थी।
इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने खासा में बस शेल्टर के पास छापा मारकर आरोपियों को रोका। तलाशी में ही 27 किलो हेरोइन और विदेशी पिस्तौल सहित कारतूस मिले।
दुबई कनेक्शन और एन्क्रिप्टेड संचार
शुरुआती जाँच में पता चला है कि आरोपी दुबई में बैठे एक व्यक्ति और सीमा पार के तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, ड्रग्स और हथियार मिलने के बाद आरोपियों को अपने हैंडलर्स के निर्देश पर इन्हें आगे सप्लाई करना था।
गौरतलब है कि आरोपी पुलिस की नज़र से बचने के लिए अपने हैंडलर्स से संपर्क साधने में एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। यह तस्करी नेटवर्क की उन्नत तकनीकी तैयारी को दर्शाता है।
व्यापक संदर्भ और पंजाब में ड्रोन तस्करी का खतरा
यह मामला ऐसे समय में आया है जब पंजाब की सीमा पर ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सुरक्षा एजेंसियाँ लंबे समय से इस बात पर ज़ोर देती रही हैं कि पाकिस्तान से सटी सीमा पर ड्रोन एक नई चुनौती बन चुके हैं। ऐसे नेटवर्क में दुबई स्थित हैंडलर की भूमिका इस बात की ओर इशारा करती है कि तस्करी की यह कड़ी बहु-देशीय है और सिर्फ सीमा-पार ऑपरेशन तक सीमित नहीं।
आगे की जाँच
डीजीपी यादव ने बताया कि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी सदस्यों की पहचान और उनके आपसी संबंधों का पता लगाने के लिए विस्तृत जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई स्थित हैंडलर और नेटवर्क के अन्य सक्रिय सदस्यों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।