क्या पंजाब में बाढ़ के कारण 3 लोगों की जान चली गई? 8 हजार लोगों को किया गया बचाया: स्पेशल डीजीपी

सारांश
Key Takeaways
- पंजाब में बाढ़ के कारण स्थिति गंभीर है।
- अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
- 8 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
- राहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
- पंजाब पुलिस, सेना और एनडीआरएफ मिलकर काम कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब में बाढ़ के कारण स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। पंजाब के स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अर्पित शुक्ला ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। अब तक 3 लोगों की मौत की रिपोर्ट मिली है, जबकि 8 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
अर्पित शुक्ला ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस को बताया कि पंजाब में केवल पठानकोट में ही 3 मौतों की पुष्टि हुई है। 8 हजार लोगों को निकाल लिया गया है, और फंसे हुए व्यक्तियों तक भोजन एवं दवाइयां पहुँचाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण रावी, ब्यास, सतलुज और जम्मू-कश्मीर से निकलने वाले उज दरिया का पानी पंजाब में दाखिल हो गया है। इसके कारण पठानकोट, गुरदासपुर, बटाला, अमृतसर, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, और होशयारपुर जैसे जिलों में बाढ़ का प्रभाव स्पष्ट है।
अर्पित शुक्ला ने बताया कि पंजाब पुलिस स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सेना और एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीमों के साथ मिलकर काम कर रही है। रेस्क्यू टीमों का उद्देश्य है कि बाढ़ में फंसे लोगों को रिलीफ कैंप में पहुँचाया जा सके। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं और 112 पुलिस टीम के जरिए निरंतर निगरानी की जा रही है।
पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि बाढ़ के दौरान एयर रेस्क्यू भी जारी है। नावों के अलावा गुरुवार को सेना के हेलीकॉप्टर की सहायता से लोगों को बाढ़ से बाहर निकाला गया। पंजाब सरकार ने हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया है।
स्पेशल डीजीपी के अनुसार, पंजाब पुलिस रोजाना बीएसएफ, आर्मी और एनडीआरएफ के साथ मीटिंग कर रही है। मौसम विभाग से प्राप्त अपडेट के आधार पर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री और डीजीपी लगातार स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।