पंजाब पुलिस में बड़ा फेरबदल: अमृतसर कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों का तबादला
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब सरकार ने 1 सितंबर 2026 को राज्य पुलिस में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए। राज्यपाल की मंजूरी से जारी इन आदेशों के तहत अनेक जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बदले गए हैं और कुछ अधिकारियों को नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदों का कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य नियुक्तियाँ और तबादले
गुरप्रीत सिंह भुल्लर को IGP बॉर्डर रेंज, अमृतसर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह हरमनबीर सिंह को पुलिस कमिश्नर, अमृतसर के पद पर तैनात किया गया है। इससे पूर्व भुल्लर को पद से हटाकर चंडीगढ़ स्थित पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे, जबकि बॉर्डर रेंज के DIG हरमनबीर सिंह गिल को अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था।
एसएसपी मानसा रहे भागीरथ सिंह मीणा को AIG पर्सोनल-1, CPO पंजाब के पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी जगह वैभव चौधरी को SSP मानसा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पटियाला और SAS नगर (मोहाली) के SSP की अदला-बदली भी की गई है। वरुण शर्मा को SSP SAS नगर और हरमनदीप सिंह हंस को SSP पटियाला नियुक्त किया गया है।
सुहैल कासिम मीर को SSP बठिंडा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बठिंडा की पूर्व SSP ज्योति यादव को स्थानांतरित कर कमांडेंट, 82वीं बटालियन PAP, चंडीगढ़ नियुक्त किया गया है।
भुल्लर के तबादले की पृष्ठभूमि
यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ जब अमृतसर पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़े दो आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस कार्रवाई में 4 नाबालिगों समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से हथियार — जिनमें 4 पेट्रोल बम भी शामिल थे — बरामद किए गए थे।
जाँच में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स के निर्देश पर स्थानीय युवाओं की भर्ती, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी, अवैध हथियारों की खरीद और शांति भंग करने की साजिश में लिप्त थे।
विवाद और सोशल मीडिया
विवाद तब उठा जब पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इन वीडियो के आधार पर जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों को ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ने की कोशिश की गई, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी।
आगे क्या
सरकारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ये तबादले प्रशासनिक आधार पर सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद किए गए हैं। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद राज्य में सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक प्रशासन पर इन बदलावों का असर स्पष्ट होगा।