राघव चड्ढा ने पीएम मोदी के 'हम करके रहेंगे' नारे को सराहा, 25 साल की सेवा को बताया अटूट संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए नारे 'हम करके रहेंगे' की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में एक निर्णायक आह्वान बताया। चड्ढा ने पीएम मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को असाधारण प्रतिबद्धता का प्रतीक करार दिया।
विकसित भारत संकल्प सभा में पीएम मोदी का संबोधन
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' में प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए पाँच बड़े लक्ष्य घोषित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, 'अपनी यात्रा के इस पड़ाव पर मैं हर वॉलंटियर और हर साथी कार्यकर्ता को सम्मानपूर्वक सलाम करता हूँ। आज का दिन सिर्फ यादों का दिन नहीं है। यह हमारे संकल्प में नई ऊर्जा भरने का दिन है। यह उस वादे को दोहराने और उस इरादे को ज़ाहिर करने का दिन है, जो कहता है कि हम करके रहेंगे।' उपस्थित दर्शकों ने इस नारे को ज़ोरदार तरीके से दोहराया।
राघव चड्ढा ने क्या कहा
हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संकल्प उनके 25 वर्षों की सेवा के जोश और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मोदी का विजन आज भी उतना ही सुदृढ़ और स्पष्ट है, जितना ढाई दशक पहले था।
चड्ढा ने पीएम के एजेंडे की रूपरेखा गिनाते हुए कहा, 'भारत को दुनिया की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाना, एक ज़्यादा आत्मनिर्भर भारत बनाना, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग बेस तैयार करना, सेमीकंडक्टर, एआई, स्पेस और नई टेक्नोलॉजी में निवेश करना, एनर्जी सिक्योरिटी को मज़बूत करना, युवाओं के लिए ज़्यादा मौके बनाना — और आखिरकार 2047 तक विकसित भारत की नींव रखना। आज उन्होंने उस संकल्प को तीन आसान शब्दों में समेटा — हम करके रहेंगे।'
25 साल की निरंतरता पर ज़ोर
चड्ढा ने इस मील के पत्थर पर प्रधानमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के प्रमुख के तौर पर 25 वर्षों की अटूट सेवा ने हर पड़ाव पर जनता का भरोसा नए सिरे से अर्जित किया है। उन्होंने कहा, 'पहला जनादेश उम्मीद और अपेक्षा से मिल सकता है, लेकिन जब लोग कई सालों तक उस जनादेश को बार-बार देते हैं, तो उम्मीदें भी बढ़ती हैं और काम का स्तर भी। मेरे लिए, यही बात इन 25 सालों को खास बनाती है।'
गौरतलब है कि चड्ढा की यह टिप्पणी उनके दलबदल के बाद की है, जिसके कारण उनके पूर्व दल AAP से उनकी राजनीतिक दूरी और बढ़ गई है। ऐसे में उनका पीएम की प्रशंसा करना नई राजनीतिक पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की राह
पीएम मोदी द्वारा घोषित पाँच लक्ष्यों के क्रियान्वयन पर सभी की नज़र रहेगी, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर, एआई और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्रों में। 'विकसित भारत 2047' की दिशा में यह संकल्प सभा सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकताओं को जनता तक पहुँचाने का एक अहम मंच बनी।