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क्या राहुल गांधी के खिलाफ बोलने वालों को पार्टी से निकाला जाएगा?

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क्या राहुल गांधी के खिलाफ बोलने वालों को पार्टी से निकाला जाएगा?

सारांश

राजनीति में हलचल, राहुल गांधी और कांग्रेस के सत्ताधारी परिवार के खिलाफ बोलने वालों पर दीपक प्रकाश ने क्या कहा? जानिए इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

राहुल गांधी के नेतृत्व पर उठे सवाल दीपक प्रकाश की कड़ी प्रतिक्रिया कांग्रेस में आंतरिक असहमति का मुद्दा यूजीसी के नए एंटी रैगिंग दिशा-निर्देश सामाजिक न्याय की रक्षा का सरकार का वादा

पटना, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के पूर्व नेता डॉ शकील अहमद के बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर प्रश्न उठाया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है, यह कांग्रेस में पहले से होता आ रहा है।

दीपक प्रकाश ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "जो भी कांग्रेस नेता पार्टी के सत्ताधारी परिवार के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें किनारे कर दिया जाता है। इसमें कुछ नया नहीं है।" उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जानबूझकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जब उनके पास कोई मुद्दा नहीं होता, तो ऐसे बयान देते हैं। बिहार में भी एसआईआर के नाम पर जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई थी, लेकिन जनता ने इन्हें जो जवाब दिया है, वो इन्हें नहीं पता।

नीट स्टूडेंट की मौत के मामले पर दीपक प्रकाश ने कहा, "एसआईटी का गठन कर दिया गया है, और जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जल्द ही रिपोर्ट सामने आएगी।"

उन्होंने बिना विधानसभा सदस्य के मंत्री बनने पर सफाई देते हुए कहा कि संविधान में प्रावधान है कि 6 महीने के अंदर सदस्य बनना होता है। प्रक्रिया जारी है और जल्द ही मैं विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बन जाऊंगा।

यूजीसी के नए नियमों पर दीपक प्रकाश ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बेगुनाह लोगों को परेशानी होगी। इस पर चर्चा की जा रही है, जल्द ही कुछ फैसला आएगा। मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे परेशान न हों। सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी और हमेशा जनता के साथ खड़ी रहती है।

यह उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने देशभर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को रैगिंग के खिलाफ कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया है। यूजीसी के अनुसार, सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को एंटी रैगिंग गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करना अनिवार्य है। जो भी संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समग्र राजनीतिक परिदृश्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या राहुल गांधी की राजनीति पर सवाल उठाना सही है?
हां, हर नेता की नीतियों और नेतृत्व पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है।
दीपक प्रकाश का बयान क्या दर्शाता है?
यह कांग्रेस में आंतरिक असहमति की स्थिति को दर्शाता है, जहां dissent को स्वीकार नहीं किया जा रहा।
क्या यूजीसी के नए नियमों से छात्रों को परेशानी होगी?
सरकार ने आश्वासन दिया है कि बेगुनाह छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा।
राष्ट्र प्रेस
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