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क्या राहुल गांधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं रखते? : आरपी सिंह

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क्या राहुल गांधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं रखते? : आरपी सिंह

सारांश

आरपी सिंह ने तेजप्रताप यादव के बयान का जवाब देते हुए राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या वास्तव में राहुल गांधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं रखते हैं? जानिए इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की राय और राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी।

मुख्य बातें

राहुल गांधी का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास पर सवाल उठाए गए हैं।
तेजप्रताप यादव और आरपी सिंह के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप।
कांग्रेस का नेतृत्व कमजोर हुआ है, यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।

नई दिल्ली, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व कांग्रेसी नेता शकील अहमद के बाद जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को डरपोक नेता बताया है। तेज प्रताप के इस बयान पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि जिन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं है, वे निश्चित रूप से डरपोक होते हैं।

नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि तेजप्रताप यादव का बोलने का अपना अलग अंदाज है। हालांकि, राहुल गांधी जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं करते

कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम के बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस के लिए समस्या यह है कि पद्म सम्मान 'चमचों' को नहीं दिए जाते, बल्कि कर्मयोगियों को दिए जाते हैं। यदि कोई वैज्ञानिक या समर्पित कार्यकर्ता है, तो उनके योगदान को पहचाना जाता है। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' का उपहास उड़ाने की बजाय, उन्हें इसे समझना चाहिए कि यह देश के लिए कितना आवश्यक है।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर के बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि शकील अहमद आपको आईना दिखा रहे हैं। बेहतर होगा कि आईना देखने के बाद आप उसे तोड़ें नहीं। पिछली बातों से सबक लें। वे दिखा रहे हैं कि कांग्रेस की लीडरशिप कैसे कमजोर हुई है। कांग्रेस अब नकारा हो चुकी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में 95 से ज्यादा चुनाव हार चुके हैं। अगर अब भी नहीं सुधरे तो समय नहीं बचेगा।

भगत सिंह कोश्यारी का जिक्र करते हुए भाजपा नेता आरपी सिंह ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को नसीहत देते हुए कहा कि भगत सिंह कोश्यारी का सामाजिक जीवन उनकी उम्र से कहीं ज्यादा है। उन्होंने निरंतर समाज के लिए कार्य किया है। इसी वजह से उन्हें पद्म सम्मान दिया जा रहा है।

शकील अहमद के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि उनके जैसे बड़े वरिष्ठ नेता दूसरी पार्टी में चले गए हैं। कांग्रेस का ग्राफ गिर रहा है। न तो कोई नेता है और न ही कोई नीति है। पार्टी में परिवार का वीटो चलता है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए ठीक नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे राजनीतिक नेता अपने विचारों को व्यक्त करते हैं। आरपी सिंह का बयान यह संकेत देता है कि राहुल गांधी की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। देश की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, इसलिए हमें इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने राहुल गांधी को किस कारण से डरपोक कहा?
आरपी सिंह ने कहा कि जिन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास नहीं है, वे डरपोक होते हैं।
क्या तेजप्रताप यादव का बयान राजनीति में महत्वपूर्ण है?
जी हां, यह बयान कांग्रेस के नेतृत्व और राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिति को चुनौती देता है।
राष्ट्र प्रेस
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