क्या राहुल गांधी भारत का विकास नहीं देख सकते हैं? राज भूषण चौधरी का बयान
सारांश
Key Takeaways
- भारत अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
- राज भूषण चौधरी ने राहुल गांधी की आंखों का इलाज कराने की सलाह दी।
- कांग्रेस के शासन में अर्थव्यवस्था की स्थिति कमजोर थी।
- बयान से राजनीतिक तकरार बढ़ सकती है।
- राज ठाकरे के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी गई है।
पटना, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के चीन को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी को पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का विकास दिखाई नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि राहुल गांधी को अपनी आंखों का इलाज कराना चाहिए।
पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए राज भूषण चौधरी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। राहुल गांधी को यह जानना चाहिए कि भारत अब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्दी ही तीसरी अर्थव्यवस्था बनने वाला है। राहुल गांधी को कांग्रेस के अपने 60 साल के शासन की याद करनी चाहिए जब उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस की सरकार में अर्थव्यवस्था रेंग रही थी, जबकि अब पीएम मोदी के नेतृत्व में यह दौड़ रही है। कांग्रेस के 70 वर्षों की तुलना में आज बड़े बदलाव स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से हम 11वें स्थान से अब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। राहुल गांधी को यह परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है, उन्हें आंखों का इलाज कराने की आवश्यकता है।
उन्होंने राहुल गांधी के संभावित अयोध्या दौरे को लेकर कहा कि जो लोग भगवान राम को काल्पनिक बताते थे, अब वे राम की शरण में जाने के लिए तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि भगवान राम काल्पनिक हैं, उन्हें इस देश की जनता ने गलत साबित कर दिया है। लाखों लोग भगवान राम में विश्वास रखते हैं और उनकी पूजा करते हैं। उनके लिए राम कभी काल्पनिक नहीं थे। जब जनता ने इन नेताओं को उनकी असली जगह दिखा दी, तो अब वे मंदिर जाने का नाटक कर रहे हैं।
बीएमसी चुनाव के बीच राज ठाकरे के बयान पर राज भूषण चौधरी ने कहा कि राज ठाकरे जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके बयान देश को बांटने वाले हैं और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। भारत के हर नागरिक, चाहे वह किसी भी क्षेत्र से हो, देश के सभी हिस्सों में बराबर अधिकार हैं। किसी भी भाषा बोलने वाले व्यक्ति को देश के किसी भी हिस्से में रहने का पूरा अधिकार है।