4 अगस्त 2026
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बीकानेर में ₹50 करोड़ के हथियार और अफगान हेरोइन जब्त, पाक-दुबई नेटवर्क का भंडाफोड़

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बीकानेर में ₹50 करोड़ के हथियार और अफगान हेरोइन जब्त, पाक-दुबई नेटवर्क का भंडाफोड़

सारांश

राजस्थान के बीकानेर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास ₹50 करोड़ के विदेशी हथियार और अफगान हेरोइन पकड़ी गई। जेल में बंद मास्टरमाइंड, दुबई से चलता हवाला और पाकिस्तानी हैंडलर्स — यह मामला एक खतरनाक त्रिकोणीय अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

बीकानेर पुलिस ने खाजूवाला के पास 10.999 किलोग्राम अफगान हेरोइन , 11 विदेशी पिस्तौल , 22 मैगजीन और 100 कारतूस जब्त किए।
जब्त हथियारों की अनुमानित कीमत ₹50 करोड़ बताई गई है।
आरोपी वीरेंद्र सिंह (पाली जिला) गिरफ्तार; उसके पास से ₹50,000 नकद भी बरामद।
मास्टरमाइंड विक्की उर्फ विक्रम फिलहाल पंजाब जेल में बंद; पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क में था।
भुगतान दुबई से संचालित हवाला नेटवर्क के ज़रिए होता था।
बीकानेर पुलिस , पंजाब पुलिस और केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ संयुक्त रूप से जाँच कर रही हैं।

राजस्थान के बीकानेर जिले में 4 अगस्त 2026 को पुलिस ने सीमा पार तस्करी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिसमें 10.999 किलोग्राम अफगान हेरोइन, 11 विदेशी पिस्तौल, 22 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए गए। जब्त हथियारों की अनुमानित कीमत ₹50 करोड़ बताई गई है। यह सामग्री भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट खाजूवाला के पास से बरामद की गई।

गिरफ्तारी और खेप की बरामदगी

वीरेंद्र सिंह, जो पाली जिले का निवासी है, की गिरफ्तारी के बाद यह पूरी खेप जब्त की गई। उसके पास से ₹50,000 नकद भी बरामद हुए, जो कथित तौर पर इसी तस्करी खेप को ठिकाने लगाने के एवज में दिए गए थे। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे अभियान का संचालन विक्की उर्फ विक्रम कर रहा था, जो फिलहाल पंजाब की जेल में बंद है।

पाकिस्तान-दुबई हवाला नेटवर्क का खुलासा

पुलिस के अनुसार, विक्की पाकिस्तान के हैंडलर्स से सीधा संपर्क बनाए रखता था। हेरोइन की खरीद का भुगतान हवाला नेटवर्क के ज़रिए किया जाता था, जिसे उसके सहयोगी दुबई से संचालित करते थे। यह ऐसे समय में सामने आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ राजस्थान और पंजाब सीमा पर तस्करी के बढ़ते मामलों पर नज़र रख रही थीं।

जाँचकर्ताओं ने एक संगठित नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है, जो राजस्थान और पंजाब में सक्रिय था। इस नेटवर्क में मुख्य रूप से बेरोज़गार और आर्थिक रूप से कमज़ोर युवाओं को जल्दी पैसे कमाने का झाँसा देकर शामिल किया जाता था।

संयुक्त जाँच अभियान

पुलिस महानिरीक्षक ओम प्रकाश और बीकानेर के पुलिस अधीक्षक मृदुल कछवा ने बताया कि जाँचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस तस्करी अभियान में हवाला का किस तरह इस्तेमाल किया गया। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि केंद्रीय जाँच एजेंसियों और पंजाब पुलिस के साथ समन्वित प्रयास जारी है ताकि सीमा पार सक्रिय सभी गिरोहों की पहचान की जा सके।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जाँच

अब बीकानेर पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ संयुक्त रूप से उस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जाँच कर रही हैं, जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और दुबई के सूत्र शामिल बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि यह राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर पकड़ी गई इस तरह की हालिया बड़ी खेपों में से एक है। जाँच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दुबई-हवाला-पाकिस्तान त्रिकोण का यह खुलासा बताता है कि तस्करी नेटवर्क अब कहीं अधिक परिष्कृत और बहुस्तरीय हो चुके हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या यह संयुक्त जाँच केवल निचले स्तर के वाहकों तक सीमित रहेगी या दुबई और पाकिस्तान में बैठे असली संचालकों तक पहुँच पाएगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीकानेर में क्या जब्त किया गया और इसकी कीमत कितनी है?
बीकानेर के खाजूवाला के पास भारत-पाकिस्तान सीमा से 10.999 किलोग्राम अफगान हेरोइन, 11 विदेशी पिस्तौल, 22 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए गए। जब्त हथियारों की अनुमानित कीमत ₹50 करोड़ बताई गई है।
इस तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड कौन है?
जाँच में सामने आया है कि इस पूरे अभियान का संचालन विक्की उर्फ विक्रम कर रहा था, जो फिलहाल पंजाब की जेल में बंद है। वह पाकिस्तान के हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखता था और भुगतान दुबई से चलने वाले हवाला नेटवर्क के ज़रिए होता था।
गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र सिंह कौन है?
वीरेंद्र सिंह राजस्थान के पाली जिले का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही यह पूरी खेप जब्त हो सकी। उसके पास से ₹50,000 नकद भी बरामद किए गए, जो कथित तौर पर तस्करी खेप पहुँचाने के बदले में मिले थे।
इस मामले की जाँच कौन-कौन सी एजेंसियाँ कर रही हैं?
बीकानेर पुलिस, पंजाब पुलिस और केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ संयुक्त रूप से इस मामले की जाँच कर रही हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के अनुसार, सभी एजेंसियाँ मिलकर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और दुबई से जुड़े पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगाल रही हैं।
इस नेटवर्क में युवाओं को कैसे फँसाया जाता था?
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में मुख्य रूप से बेरोज़गार और आर्थिक रूप से कमज़ोर युवाओं को जल्दी पैसे कमाने का झाँसा देकर शामिल किया जाता था। राजस्थान और पंजाब में सक्रिय इस संगठित नेटवर्क की पूरी कड़ियाँ जाँच में उजागर की जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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