2 अगस्त 2026
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खाजूवाला में ड्रोन तस्करी का भंडाफोड़: 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल बरामद, एक गिरफ्तार

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खाजूवाला में ड्रोन तस्करी का भंडाफोड़: 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल बरामद, एक गिरफ्तार

सारांश

राजस्थान के खाजूवाला में पुलिस ने पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए भेजी गई ₹50 करोड़ की हेरोइन, 11 पिस्टल और कारतूस बरामद किए। जोधपुर निवासी विरेंद्र सिंह गिरफ्तार। यह उसी ड्रोन-डंपिंग मॉडल की पुनरावृत्ति है जो पंजाब में भी पकड़ा जा चुका है — और नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है।

मुख्य बातें

2 अगस्त 2026 को राजस्थान के खाजूवाला (बीकानेर) में पुलिस ने ड्रोन तस्करी का भंडाफोड़ किया।
बरामदगी में 10 किलो हेरोइन , 11 पिस्टल , भारी मात्रा में कारतूस और एक ड्रोन शामिल।
हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹50 करोड़ बताई जा रही है।
जोधपुर निवासी विरेंद्र सिंह खेप लेने पहुँचा था, गिरफ्तार किया गया।
जाँच एजेंसियाँ पाकिस्तान से संचालित व्यापक तस्करी नेटवर्क की तलाश में; और गिरफ्तारियाँ संभव।
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा स्वयं मौके पर पहुँचे, गहन जाँच जारी।

राजस्थान के बीकानेर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे खाजूवाला क्षेत्र में पुलिस ने 2 अगस्त 2026 को ड्रोन के ज़रिए की जा रही तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ किया। बरामदगी में 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक ड्रोन शामिल हैं — जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹50 करोड़ बताई जा रही है। मौके से तस्करी की खेप लेने पहुँचे जोधपुर निवासी विरेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

खाजूवाला पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान की ओर से ड्रोन डंपिंग के माध्यम से एक बड़ी खेप सीमावर्ती इलाके में गिराई गई है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मौके पर दबिश दी और पूरी खेप जब्त कर ली। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा स्वयं मौके के लिए रवाना हुए।

गिरफ्तार आरोपी विरेंद्र सिंह कथित तौर पर इस खेप को प्राप्त करने के लिए वहाँ पहुँचा था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

तस्करी नेटवर्क की पड़ताल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह मामला पाकिस्तान से संचालित एक व्यापक तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस मॉड्यूल के तार देश के किन-किन राज्यों तक फैले हैं और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। आगे और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना जताई जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब सीमापार ड्रोन तस्करी पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस शाखा ने तरन तारन निवासी ओम शर्मा को गिरफ्तार किया था, जिसके पास 20 किलो हेरोइन बरामद हुई थी।

पंजाब में पहले का मामला — एक समान पैटर्न

पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) के अनुसार, काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर को सूचना मिली थी कि विदेश में बैठे हैंडलर के सहयोगी अजनाला के सीमावर्ती इलाके में पाकिस्तान से ड्रोन के ज़रिए हेरोइन मँगवाते थे। यह खेप फिर ओम शर्मा तक पहुँचाई जाती थी, जो इसे आगे अन्य पार्टियों को सप्लाई करता था।

राजस्थान का ताज़ा मामला इसी ऑपरेशनल मॉडल — ड्रोन डंपिंग, स्थानीय प्राप्तकर्ता, और सीमापार हैंडलर — की पुनरावृत्ति दर्शाता है, जो दर्शाता है कि यह कोई एकाकी घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा है।

आम जनता और सुरक्षा पर असर

सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी न केवल कानून-व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि यह स्थानीय युवाओं को नशे की लत की ओर धकेलने वाले नेटवर्क को भी पोषित करती है। ₹50 करोड़ की हेरोइन की एकमुश्त बरामदगी इस नेटवर्क की आर्थिक ताकत का संकेत देती है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने पूरी खेप जब्त कर मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है। जाँच एजेंसियाँ गिरफ्तार आरोपी विरेंद्र सिंह से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं। मामले में जल्द और गिरफ्तारियाँ होने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खाजूवाला में क्या बरामद हुआ और कितनी कीमत है?
खाजूवाला (बीकानेर) में पुलिस ने 10 किलो हेरोइन, 11 पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया। हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹50 करोड़ बताई जा रही है।
इस मामले में किसे गिरफ्तार किया गया है?
जोधपुर निवासी विरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर तस्करी की यह खेप लेने मौके पर पहुँचा था। पुलिस उससे पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
ड्रोन के ज़रिए तस्करी कैसे होती है?
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ड्रोन के माध्यम से हेरोइन और हथियारों की खेप भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में गिराते हैं — इसे 'ड्रोन डंपिंग' कहा जाता है। स्थानीय साथी खेप उठाकर आगे सप्लाई चेन तक पहुँचाते हैं।
क्या इस तरह की घटनाएँ पहले भी हुई हैं?
हाँ, पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस शाखा ने इससे पहले तरन तारन निवासी ओम शर्मा को 20 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था, जो अजनाला सीमा से ड्रोन के ज़रिए खेप मँगवाता था। राजस्थान का यह मामला उसी पैटर्न की पुनरावृत्ति है।
इस मामले की आगे जाँच कौन कर रहा है?
जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा की निगरानी में खाजूवाला पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है। जाँच एजेंसियाँ नेटवर्क के अन्य सदस्यों और देश के अन्य राज्यों में इसके विस्तार का पता लगाने में जुटी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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